कनासर रेंज में संरक्षित प्रजाति के वृक्षों के स्लीपर मिलने का सिलसिला जारी है। वन विभाग की टीम ने बिनसौन के पंचायत घर व क्षेत्र स्थित एक आरा मशीन से देवदार की बेशकीमती लकड़ी के स्लीपर का जखीरा बरामद किया। वन विभाग की कार्रवाई से गांव में खलबली मची हुई है।
चकराता वन प्रभाग की कनासर रेंज में व्यापक स्तर पर हुए अवैध पातन की शिकायत पर चल रही जांच के तहत क्षेत्र की ग्राम पंचायत मसक में डेरा डाले वन विभाग की टीम को बृहस्पतिवार को भी बड़ी कामयाबी मिली। वन विभाग की टीम ने गांव के पंचायत घर से 350 देवदार के स्लीपर बरामद किए। इसके अलावा क्षेत्र स्थित व जिला उद्योग केंद्र से वित्त पोषित एक आरा मशीन से 230 नग बारीक चिरान बरामद किया।
सहायक वन संरक्षक मुकुल कुमार ने बताया कि तलाशी अभियान के तहत हर घर के साथ सरकारी भवनों व सभी संभावित स्थानों की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि वन विभाग के पास आ रही सूचनाओं के चलते तलाशी अभियान के अभी जारी रहने की उम्मीद है।
ग्रामीणों ने इधर-उधर फेंक दिए स्लीपर
वन विभाग की व्यापक स्तर पर चल रही तलाशी की कार्रवाई के चलते ग्रामीणों ने अपने घरों में रखे देवदार व कैल प्रजाति की लकड़ी के स्लीपरों को इधर-उधर फेंकना शुरू कर दिया है। हालांकि गांव में टीम के मौजूद रहने के कारण स्लीपरों को खुर्द-बुर्द करने में उन्हें दिक्कत भी आ रही है लेकिन मौका मिलते ही ग्रामीण स्लीपरों को पहाड़ियों से नीचे फेंक रहे हैं। सहायक वन संरक्षक मुकुल कुमार ने बताया कि जंगल व पहाड़ियों से नीचे फेंके गए स्लीपरों की बरामदगी का कार्य भी जल्द शुरू किया जाएगा। इसके लिए जरूरी संसाधन जुटाए जा रहे हैं।
स्लीपर उठाते-उठाते थकने लगे प्रशिक्षु
वन विभाग ने रामपुर मंडी स्थित वन आरक्षी प्रशिक्षण केंद्र से 73 प्रशिक्षुओं को अभियान में शामिल किया था। इसके अलावा चकराता वन प्रभाग की सभी रेंज के कर्मचारी भी स्लीपरों की बरामदगी के बाद उनके ढुलान और उन्हें रेंज कार्यालय में वाहनों से उतारकर रखने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। चार दिनों से चल रही कार्रवाई में लगातार स्लीपर उठाते-उठाते प्रशिक्षु व अन्य वनकर्मी अब थक रहे हैं। कर्मचारियों की स्थिति को देखते हुए विकासनगर से मजदूरों की एक टीम बुलाई गई है जो स्लीपरों के ढुलान के काम में लगाई जाएगी। इसके अलावा पहाड़ियों से नीचे फेंके गए स्लीपरों के ढुलान के लिए वन विभाग खड़ंबा क्षेत्र से खच्चर बुलवाने पर भी विचार कर रहा है।
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मसक के प्रधान ने जताई अनभिज्ञता
ग्राम पंचायत मसक के प्रधान देई सिंह चौहान ने चकराता तहसीलदार को पत्र लिखकर पंचायत घर से बरामद हुए स्लीपरों की जानकारी से अनभिज्ञता जताई है। पत्र में उन्होंने कहा है कि ग्राम पंचायत का भवन जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है। इसलिए भवन में आवाजाही कम होती है। भवन में अज्ञात लोगों ने अवैध रूप से पातन की गई लकड़ी को रख दिया है। भवन से लकड़ी के मिलने की जानकारी क्षेत्रीय पटवारी ने उन्हें दी है। ग्राम प्रधान ने मामले की जांच करके आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही है।
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पत्रकारों ने दी तहरीर
कई मीडिया प्रतिनिधियों ने विकासनगर कोतवाली में तहरीर देकर लकड़ी तस्करी मामले में उन्हें धमकाए जाने व अभद्रता करने का आरोप लगाया है। तहरीर में मीडिया प्रतिनिधियों ने कहा है कि कनासर रेंज में कराए गए अवैध कटान व इससे जुड़े समाचार प्रसारित करने के लिए उन्हें एक फेसबुक एकाउंट से लगातार धमकी दी जा रही है। उन्होंने पुलिस से मामले की जांच करके आवश्यक कार्रवाई करने की मांग भी की है।