ये होंगे लाभ
प्रदेश में मौजूदा कौशल का व्यापक मूल्यांकन करने का काम होगा। यह पता लगाया जाएगा कि उद्योगों की जरूरतों और लोगों के कौशल के बीच कहां कमी है। एकत्रित डाटा के आधार पर प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किए जाएंगे। लोगों को सही नौकरी के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। सटीक डाटा के आधार पर सरकार को अपनी नीतियां बनाने और शिक्षा प्रणाली में उस मुताबिक बदलाव करने का मौका मिलेगा।
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आंध्र प्रदेश में 15-59 आयु वर्ग की हो रही जनगणना
आंध्र प्रदेश में कौशल जनगणना शुरू हो चुकी है। एक विधानसभा क्षेत्र, एक जिले में इंफोसिस इस परियोजना पर काम कर रहा है। यह परियोजना दो चरणों में आयोजित की जाएगी। जिसमें पहले चरण में कंपनियों की कौशल आवश्यकताओं और दूसरे चरण में 15-59 वर्ष के लोगों के कौशल और शिक्षा की जानकारी एकत्र की जाएगी।