पिछले दिनों वह किसी काम से परिवार के साथ रुड़की आए थे तबियत खराब होने पर उन्होंने उसे रुड़की के ब्लड बैंक में उसे खून चढ़वाया। छह बार अलग-अलग तारीखों में उसे खून चढ़ाया गया।
इसके बाद जांच की गई तो उसमें एचआईवी पॉजिटिव के लक्षण पाए गए हैं। इस पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने सीएमएस डॉ. अरविंद मिश्रा और ब्लड बैंक की पैथोलोजिस्ट रीतू खेतान से जवाब तलब किया। उन्होंने कहा कि उनके यहां पूरी जांच करने के बाद ही खून चढ़ाया जाता है।
ऐसे में कोई चूक होने की गुंजाइश ही नहीं है। उनका कहना था कि बच्चे का इलाज पहले हरियाणा में चल रहा था वहां भी उसे इंजेक्जन लगे । हो सकता है कि उससे इंफेक्शन हुआ हो। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।