कृषि उत्पादों के कारोबार को बढ़ावा देने के लिए छह राज्य अंतरराज्यीय व्यापार का रास्ता निकालेंगे। इसके लिए ई-राष्ट्रीय कृषि बाजार योजना (ई-नेम) के तहत तीन अगस्त को हिमाचल प्रदेश के सोलन में जुटेंगे। इस बैठक में उत्तराखंड, हिमाचल, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश मंडी परिषद के अधिकारी भाग लेंगे।
फल-सब्जी समेत अन्य कृषि उत्पादों का अंतर राज्यीय व्यापार से एक राज्य के आढ़ती दूसरे राज्य में व्यापार कर सकेंगे। व्यापार में प्रतिस्पर्धा बढ़ने से किसानों को कृषि उत्पाद के अच्छे दाम मिलेंगे। अभी तक एक राज्य के व्यापारी दूसरे राज्य में कारोबार नहीं कर सकते हैं। अंतरराज्यीय व्यापार से उत्तराखंड का आढ़ती हिमाचल प्रदेश में किसानों के उत्पाद की नीलामी प्रक्रिया में भाग ले सकता है।
ई-नेम योजना में अंतरराज्यीय व्यापार बढ़ाने के लिए पहली बार उत्तराखंड, हिमाचल, उत्तर प्रदेश, पंजाब, चंडीगढ़ और हरियाणा मिल कर रास्ता निकालेंगे। केंद्र सरकार की ई-नेम योजना का उद्देश्य किसानों को बिचौलियों से मुक्त कर कृषि उत्पाद का उचित मूल्य दिलाना है। जिससे किसानों की आय दोगुनी हो सके। इस बैठक में उत्तराखंड से कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड के प्रबंध निदेशक बीएस चलाल और मंडी समिति देहरादून के सचिव विजय थपलियाल भाग लेंगे।
प्रदेश के हजारों किसान ई-नेम में पंजीकरण
प्रदेश की देहरादून, हरिद्वार, काशीपुर, सितारगंज, किच्छा,गदरपुर, विकासनगर, ऋषिकेश,हल्द्वानी, रुड़की, जसपुर, बाजपुर, रुद्रपुर, नानकमत्ता, खटीमा, रामनगर मंडी समिति को ई-नेम योजना शामिल गया है। अब तक इन मंडियों में 25 हजार किसान और 4400 व्यापारियों को पंजीकृत किया गया है।