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टैक्सी बिल घोटाले में दो पूर्व CMO समेत छह लोग फंसे 

Fri, 18 Nov 2016 09:04 AM IST
संजय त्रिपाठी/ अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : demo pic
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उत्तराखंड मुख्यमंत्री के चुनाव प्रचार में इस्तेमाल हुई गाड़ियों के बिल स्वास्थ्य महकमे से वसूलने के मामले में छह लोगों को दोषी पाया गया है।
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इनमें दो पूर्व सीएमओ समेत सभी के खिलाफ दर्ज एफआईआर में विवेचना के बाद चार्जशीट तैयार कर ली गई है। इनके विरुद्ध तैयार चार्जशीट को न्यायालय में दाखिल करने और अभियोजन स्वीकृति दिलाए जाने के संबंध में शासन को पत्र लिखा है।

दरअसल वर्ष 2009 से 2012 के बीच पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और विजय बहुगुणा के कार्यकाल में सीएम के प्रचार-प्रसार के लिए अंधाधुंध गाड़ियों का इस्तेमाल किया गया। बाद में इनके बिल स्वास्थ्य विभाग से यह दिखाकर वसूल लिया गया कि गाड़ियां विभागीय कामकाज में इस्तेमाल की गईं। मामले का खुलासा हुआ तो विभागीय जांच हुई।
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जांच में नियम-कायदों को दरकिनार करके लगभग एक करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता की पुष्टि हुई थी। असल दोषियों को बचाने के लिए हरिद्वार के सिडकुल थाने में दो ट्रैवल एजेंसी संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया, जबकि घोटाले के असली दोषी विभिन्न पदों पर ठाठ से नौकरी करते रहे।
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एफआईआर की विवेचना अब जाकर समाप्त हुई है। विवेचक ने पूरे मामले में दो पूर्व सीएमओ समेत छह लोगों को दोषी पाया है। इस मामले में पुलिस महकमे की ओर से सभी अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायलय में दाखिल करने और अभियोजन स्वीकृति की अनुमति मांगी है।

ये हैं सभी अभियुक्त
- डॉ. दीपा शर्मा, सेवानिवृत्त सीएमओ हरिद्वार
- डॉ. बसंत गैरोला, सेवानिवृत्त सीएमओ, हरिद्वार
- संतलाल शाह, सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी, सीएमओ कार्यालय, हरिद्वार
- संगीता शर्मा, वरिष्ठ लिपिक, सीएमओ कार्यालय, हरिद्वार
- गीता किरण, वरिष्ठ कार्यालय लिपिक, सीएमओ कार्यालय, हरिद्वार
- सुरेशानंद ममगई, कनिष्ठ सहायक, संस्कृति निदेशालय
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