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फूड प्वाइजनिंग केस: 6 मरीज फिर जिला अस्पताल में भर्ती, सीबीआई जांच की उठी मांग, चार की हो चुकी मौत

Thu, 06 Dec 2018 08:33 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, बागेश्वर
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फूड प्वाइजनिंग
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बास्ती गांव के पांच और गडेरा के एक ग्रामीण की तबीयत फिर बिगड़ने पर उन्हें बुधवार को जिला अस्पताल भर्ती किया गया। मरीजों ने बताया कि उन्हें पेट दर्द के बाद उल्टी आने की शिकायत हो रही है। उन्हें संदेह है कि विषाक्त भोजन के चलते ही ऐसा हो रहा है। हालांकि प्रशासन बुधवार को आए मरीजों में विषाक्त भोजन के लक्षण मानने से इनकार कर रहा है। 

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अस्पताल में भर्ती आरती पुत्री किशन सिंह मेहरा (बास्ती), खड़क सिंह पुत्र केदार सिंह (बास्ती), पंकज सिंह पुत्र नंदन सिंह (बास्ती), गौरव सिंह पुत्र भूपाल सिंह (बास्ती), सोहानी पुत्री प्रेम सिंह(बास्ती), दीवान सिंह निवासी गडेरा  का इलाज चल रहा है। 

विषाक्त भोजन मामले की सीबीआई जांच की मांग
कपकोट के विधायक बलवंत सिंह भौर्याल ने बास्ती गांव में विषाक्त भोजन मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। बुधवार को विधानसभा में सचिव को सौंपे पत्र में उन्होंने घटना के प्रभावितों और मृतकों के आश्रितों को शीघ्र मुआवजा देने की भी मांग उठाई। 

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पत्र में भौर्याल ने कहा है कि 29 नवंबर को बास्ती गांव में आयोजित विवाह समारोह में विषाक्त भोजन करने से बच्चे बुजुर्गों समेत करीब 350 लोग बीमार हो गए थे जिनमें से चार लोगों की मौत हो चुकी है। जनहित में इस घटना की जांच सीबीआई से कराना जरूरी है। उन्होंने सरकार से इस संवेदनशील मामले में शीघ्र आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। ब्यूरो

मरीजों को भर्ती करने को लेकर बहस 

बुधवार को जिला अस्पताल में तीमारदारों की डॉक्टरों के साथ मरीजों को भर्ती कराने को लेकर बहस हो गई। ग्रामीणों का कहना था कि मरीज विषाक्त भोजन से पीड़ित हैं, लेकिन डॉक्टर उन्हें विषाक्त भोजन के मरीज मानने से इनकार कर रहा थे। इसी बात को लेकर काफी देर तक मरीजों, तीमारदारों और डॉक्टरों में बहस होती रही। काफी देर बाद मरीजों को भर्ती किया गया।  
 
सनगाड़ से नौ मरीज चेकअप के लिए हल्द्वानी रवाना 
नौ मरीज बुधवार को चेकअप के लिए हल्द्वानी रवाना हुए। बताया कि मरीजों की फिर से तबियत खराब हो रही थी। इन सभी मरीजों को कांडा अस्पताल में इलाज के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया था। इधर प्रशासन ने बताया कि कई मरीज भ्रम के चलते हायर सेंटर चेकअप के लिए जा रहे हैं। 
 
 
हल्द्वानी गए मरीज : रूपा देवी पत्नी दिनेश सिंह (सनगाड़), लीला देवी पत्नी गोपाल सिंह(सनगाड़), पंकज सिंह पुत्र नंदन सिंह बास्ती, देवकी देवी पत्नी आन सिंह(सनगाड़), चंपा देवी पत्नी दरवान सिंह (सनगाड़), नेहा पुत्री रमेश सिंह (बास्ती), अर्जुन सिंह पुत्र खीम सिंह (सनगाड़), करम सिंह पुत्र हयात सिंह (सनगाड़), हंसी देवी पत्नी उमेद सिंह (सनगाड़) 

बास्ती, सनगाड़ और गडेरा में अब स्थिति सामान्य है। किसी भी मरीज में अब विषाक्त भोजन के लक्षण नहीं हैं। कुछ लोग अब मन के वहम को दूर करने के लिए दोबारा चेकअप के लिए हायर सेंटर जा रहे होंगे लेकिन गांवों में स्थिति ठीक है।  

- डॉ. जेसी मंडल, सीएमओ बागेश्वर।
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भोजन में जहर डालने वाले की गिरफ्तारी की अफवाह

बास्ती विषाक्त भोजन मामले में बुधवार को सोशल मीडिया में अफवाह के चलते प्रशासन दिन भर परेशान रहा। सोशल मीडिया में सूचना फैल गई कि बास्ती में खाने में जहर मिलाने वाले व्यक्ति को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, जिला प्रशासन ने ऐसी किसी भी गिरफ्तारी से इनकार किया है। 

बुधवार को सोशल मीडिया में अफवाह फैली कि गांव के ही किसी व्यक्ति ने रंजिशन खाने में जहर मिला दिया था जिस कारण चार लोगों की जान चली गई और सैकड़ों लोग बीमार हो गए। इधर, प्रशासन ने कहा कि इस मामले में अभी न तो एफआईआर हुई है न ही कोई गिरफ्तारी। डीएम रंजना राजगुरु ने संदेश वायरल करने वालों पर कार्रवाई करने के निर्देश पुलिस को दिए हैं।  

विषाक्त भोजन मामले में न एफआइआर हुई है और न गिरफ्तारी। घटना के बारे में अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई होगी। गांव में हुई घटना के बाद अफवाह से गांव, क्षेत्र की बदनामी हो रही है। इसका ध्यान रखा जाना चाहिए।
- रिंकू बिष्ट, एसडीएम कांडा।
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