पांच अप्रैल 2019 को पुलिस ने गवाहों की मौजूदगी में आरोपियों के घरों पर कुर्की नोटिस चस्पा किए थे। एसएसआई विनोद जोशी ने आरोपी बिल्डर दीपक बाली, मलकीत सिंह, गुरपेज सिंह, सोनू चौधरी, हरजिंदर सिंह और गुरमीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने सभी आरोपियों का मेडिकल करा उन्हें प्रभारी एसीजेएम विनोद कुमार वर्मन की अदालत में पेश किया। कोर्ट ने आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।
सरेंडर कराने को चर्चा में रही दो पुलिस अधिकारियों की भूमिका
कुंडेश्वरी चौकी प्रभारी के साथ हाथापाई करने के छह आरोपियों द्वारा कुर्की के डर से कोतवाली में सरेंडर किए जाने की बात चर्चा में है। चर्चा है कि इस मामले में नामजद एक आरोपी के करीबी दो पुलिस अधिकारियों ने उन्हें पुलिस के समक्ष सरेंडर कराने में अहम भूमिका निभाई। अस्पताल में मेडिकल कराने से लेकर उनके जेल जाने तक दोनों पुलिस अधिकारी आरोपियों के साथ रहे।
शिक्षा मंत्री की भूमिका को लेकर चुप्पी पुलिस ने साधी चुप्पी
हाथापाई के मामले में प्रदेश के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय भी नामजद हैं। पुलिस इस मामले में आरोपियों की धरपकड़ के लिए दिन रात एक किए हुए है, लेकिन शिक्षा मंत्री की भूमिका को लेकर पुलिस अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। अभी तक न तो शिक्षा मंत्री को क्लीन चिट दी गई और न ही गिरफ्तारी के प्रयास किए हैं। इस बारे में पूछे जाने पर विवेचना अधिकारी एसएसआई विनोद जोशी ने बताया कि शिक्षा मंत्री के संबंध में विवेचना अभी लंबित है।