रजिस्ट्री में खेल कर जमीनों की खरीद-फरोख्त करने के मामले में एसआईटी ने इमरान वकील के चेंबर में भी पड़ताल की है। उसका साथी वकील भी उसी के चेंबर में प्रैक्टिस करता है। यहां से एसआईटी ने बहुत से दस्तावेज कब्जे में लिए हैं। फिलहाल इमरान फरार बताया जा रहा है। पुलिस जल्द गिरफ्तारी करने का दावा कर रही है।
बता दें कि मामले की शुरुआत में जब असम के अग्रवाल बंधुओं और पीलीभीत के मक्खन आदि का नाम सामने आया तो इन्हें ही माफिया समझा जा रहा था। मगर, शनिवार को अग्रवाल बंधुओं और सब रजिस्ट्रार कार्यालय के पूर्व कर्मचारी की गिरफ्तारी हुई तो मामला कुछ और ही निकला। पता चला कि इस धंधे के पीछे एक वकील इमरान का हाथ है। उसी ने इन सब से संपर्क किया और देहरादून में लावारिस पड़ी जमीनों की धोखाधड़ी से खरीद-फरोख्त का जाल बुना। इसमें वह बहुत हद तक कामयाब भी रहा।
उसने कई जमीनों को बेचकर करोड़ों रुपये के वारे-न्यारे किए। अपने प्यादों को उसने कुछ लाख रुपये में समेट दिया जबकि खुद कई करोड़ रुपये डकार गया। पुलिस अब उसकी कुंडली खोलने में जुट गई है। बीते दिनों एसआईटी की एक टीम कचहरी परिसर में उसके चेंबर में भी गई थी। चेंबर खोलकर जांच की गई तो कुछ लोगों ने विरोध भी किया। पुलिस ने वहां से कुछ दस्तावेज कब्जे में लिए और जांच शुरू कर दी। पता चला कि दूसरा वकील अर्पित चावला भी उसी के साथ प्रैक्टिस करता है। उसने भी कई जमीनों के कागजात तैयार कर इनकी खरीद-फरोख्त में इमरान का साथ दिया है। पुलिस दोनों की गिरफ्तारी के प्रयास में जुट गई है।