दोनों बहनें अविवाहित थीं और उनकी मां यहां साथ रहती थी। उनका भाई पुष्कर राजस्थान में रहता है। पीड़ितों की मानें तो पिछले एक साल से वह रकम देने में आनाकानी कर रही थीं। कोतवाली प्रभारी योगेश देव ने बताया कि बहनों की तलाश कर रहे हैं।
ऐसे चलता था किट्टी ग्रुप
हर माह एक हजार की किश्त जमा करनी होती थी। बीस माह तक यह किश्त देनी होती थी। 21वें महीने में 21 हजार की रकम मिलती थी। यदि बीस माह के अंतराल में किसी का ड्रॉ निकलता था तो उसे 20 हजार की रकम पहले ही अदा कर दी जाती थी और फिर उसे आगे कोई किश्त नहीं देनी होती थी। इसी लालच में फंसकर लोग किट्टी डालने के लिए तैयार हो जाते।
फिर से बाहर निकला किट्टी का जिन्न
किट्टी का जिन्न एक बार फिर से बोतल से बाहर निकला है। पूर्व में भाजपा से जुड़ी रही गुरप्रीत कौर और शिवांगी त्रिपाठी पर आमजन के करोड़ों रुपये ऐंठने का आरोप है। जेल की हवा खा चुकी यह दोनों महिलाएं आजकल शहर से लापता हैं। उस वक्त भी पूरे शहर में किटी को लेकर हो हल्ला हुआ था। कानून व्यवस्था के बिगड़ने की स्थिति भी बनी थी। लेकिन आमजन फिर भी किट्टी के धंधे का मोह नहीं छोड़ सके।