भावुक पत्र में लिखी मन की बात
धनगौरी ने अपने पत्र में लिखा कि उसी दिन उन्होंने मुख्यमंत्री धामी को अपना धर्म भाई मान लिया था। उनके लिए वह मुलाकात आज भी बहुत खास है और उस पल को वह कभी नहीं भूल सकतीं। धराली की उस मुश्किल घड़ी में मुख्यमंत्री ने वहां फंसे लोगों का हौसला बढ़ाया और उन्हें भरोसा दिया। धनगौरी ने भगवान श्रीकृष्ण और द्रौपदी के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस तरह श्रीकृष्ण द्रौपदी की मदद के लिए आगे आए थे, उसी तरह मुख्यमंत्री भी उस कठिन समय में उनके लिए सहारा बने।