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सितारगंज : टूटी सड़क और हादसों के विरोध में छात्र मुखर, सिडकुल मार्ग पर लगाया जाम

Mon, 04 Jan 2021 04:16 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, सितारगंज
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राजकीय महाविद्यालय के छात्र मुखर हो गए - फोटो : amar ujala
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सिडकुल मार्ग टूटी सड़क और लगातार हो रहे हादसों के विरोध में राजकीय महाविद्यालय के छात्र मुखर हो गए हैं। हादसे में बाइक सवार पिता-पुत्र की मौत से आक्रोशित बच्चों ने सड़क पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया और धरने पर बैठ गए। यहां प्रदर्शनकारियों ने पुलिस, भाजपा सरकार और लोनिवि के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पुलिस के समझाने पर और मांगों को लेकर मंगलवार को बैठक का आश्वाशन देने पर छात्रों ने धरना समाप्त किया और जाम खोल दिया।

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सिडकुल रोड के ग्राम बरुआबाग निवासी चंद्रमा तिवारी उनके 14 वर्षीय बेटे आलोक तिवारी की मंदिर जाते वक्त रास्ते में ट्रैक्टर ट्रॉली की चपेट में आकर मौत हो गई थी। हादसे में पिता-पुत्र की मौत के बाद छात्रों एवं ग्रामीणों में आक्रोश पनप रहा था। सोमवार को राजकीय महाविद्यालय सिसौना के छात्र व ग्रामीण सिडकुल रोड की सड़क पर धरने पर बैठ गये। इस दौरान उन्होंने पुलिस प्रशासन के साथ ही पीडब्लूडी विभाग के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की।

उन्होंने प्रशासन से मांग करते हुये कहा कि दिवंगत परिवार में जीविका चलाने वाले चंद्रमा तिवारी एवं उनके पुत्र की मृत्यु से पूरा परिवार सड़क पर आ गया है। उन्होंने प्रशासन से उस परिवार को आर्थिक मदद के साथ ही आश्रित को नौकरी दिये जाने की मांग की। सिडकुल चौकी प्रभारी सुरेंद्र सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गये। छात्रों से धरना खत्म करने का आग्रह करने लगे। जिस पर छात्र मौके पर पीडब्लूडी के आला अफसरों को बुलाने की मांग पर अड़ गए।
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छात्रों व ग्रामीणों का आरोप है कि ओवरलोड खनन वाहनों के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। एक सप्ताह पूर्व बेकाबू डंपर ने घटनास्थल से कुछ मीटर की दूरी पर पैदल जा रही महिला को कुचल दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन हादसों को रोकने के लिए कोई इंतजाम नहीं कर रहा है। ग्रामीणों और डिग्री कॉलेज के छात्रों ने खनन वाहनों के लिए अतिरिक्त मार्ग बनाने की मांग की है। इधर ग्रामीणों ने तहसीलदार को भी ज्ञापन सौंपा और सड़क हादसे रोकने के लिए खनन वाहनों पर अंकुश लगाने की मांग की।

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