कार्मिकों की सुरक्षा सर्वोच्च
सुमन ने टनल निर्माण एवं संचालन से संबंधित वर्तमान एसओपी की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने एसओपी में उपलब्ध प्रावधानों की जानकारी प्राप्त करते हुए निर्देश दिए कि वर्तमान परिस्थितियों एवं संभावित जोखिमों को ध्यान में रखते हुए इसकी व्यापक समीक्षा कर आवश्यक संशोधन किए जाएं। उन्होंने कहा, संशोधित एसओपी व्यावहारिक, प्रभावी एवं सभी संबंधित एजेंसियों के लिए स्पष्ट होनी चाहिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
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उन्होंने जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, अग्निशमन सेवा, आपदा प्रबंधन विभाग एवं अन्य संबंधित तकनीकी एवं कार्यदायी संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित कर एसओपी को अद्यतन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टनल के भीतर ऐसी सभी संरचनाओं एवं हिस्सों का विशेष निरीक्षण किया जाए जिनके गिरने या क्षतिग्रस्त होने की संभावना हो सकती है। संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों की तत्काल पहचान कर आवश्यक सुरक्षात्मक एवं निवारक उपाय किए जाएं, ताकि निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों एवं अन्य कार्मिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित की जा सके।