तरुण विजय का पक्ष
बयान दर्ज कराने से पहले तरुण विजय ने इस मुद्दे पर अपना दृष्टिकोण स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा हिंदू समाज के व्यापक हितों और संगठन से जुड़ा है। हिंदुओं का सबसे बड़ा शत्रु जातिवादी व्यवहार है। बड़ी जातियों का झूठा अहंकार हिंदुओं को तोड़ रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके मन में किसी के लिए कोई विद्वेष या प्रतिशोध की भावना नहीं है। उनका मिशन है कि हिंदू समाज जातिवाद को छोड़कर समरसता के भाव में रचे-बसे।