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जानिए किसने कहा कि राम मंदिर जरूरी तो ये क्यों नहीं

Sun, 18 Jun 2017 07:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
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sikh community in haridwar - फोटो : amarujala
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गुरुद्वारा ज्ञान गोदड़ी निर्माण को लेकर सिख संगठन प्रेमनगर पुल के पास गुरुद्वारा निर्माण पर असहमति जताते हुए पुरानी मांग दोहराई कि हरकी पैड़ी पर गुरुद्वारा ज्ञान गोदड़ी का मूल स्थान सिख पंथ के हवाले किया जाए। दमदमा साहिब के जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल ने भविष्य के आंदोलन की रणनीति पर चर्चा करते हुए यह ऐलान किया गया है कि अयोध्या में राम मंदिर की तरह गुरुद्वारा ज्ञान गोदड़ी का निर्माण भी सिर्फ हरकी पैड़ी मूल स्थान पर ही किया जाएगा।   
   
भेल सेक्टर दो स्थित गुरुद्वारे के सभागार में पत्रकारों से वार्ता करते हुए पंजाब से आए जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल ने कहा कि हरकी पैड़ी पर मुगलकाल और ब्रिटिश काल में गुरुद्वारा ज्ञान गोदड़ी रहा है तो अब आजाद भारत में क्यों नहीं है।
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उन्होंने कहा कि वर्ष 1984 में गुरुद्वारे का नामो निशान मिटा दिया गया। उन्होंने बताया कि तत्कालीन सीएम हरीश रावत ने हरकी पैड़ी के पास मूल स्थान पर ही गुरुद्वारा निर्माण का ऐलान किया था, लेकिन अब प्रदेश और केंद्र में भाजपा की सरकारें हैं। ऐसे में भाजपा सरकारों को सिखों की भावनाओं का सम्मान करते हुए गुरुद्वारा ज्ञान गोदड़ी का मूल स्थान सिख पंथ के हवाले करना चाहिए।
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राम मंदिर का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि जैसे राम मंदिर का निर्माण अयोध्या के अलावा कहीं और संभव नहीं है, वैसे ही गुरुद्वारा ज्ञान गोदड़ी का निर्माण भी हरकी पैड़ी के अलावा मुमकिन नहीं है।
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