जनजातीय क्षेत्र में सिकल सेल एनीमिया स्क्रीनिंग अभियान चलाया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट के तहत इसकी जांच और निशुल्क उपचार के लिए कालसी और चकराता ब्लॉक का चयन किया गया है। प्रोजेक्ट को लेकर प्राथमिक कालसी अधिकारियों ने बैठक की। बताया कि जल्द अभियान शुरू किया जाएगा।
बृहस्पतिवार को आयोजित बैठक में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रदीप उनियाल ने अधिकारियों और कर्मचारियों को बताया कि सिकल सेल एनीमिया एक अनुवांशिक बीमारी होती है। इसमें खून में रेड ब्लड सेल्स की कमी हो जाती है। बताया कि बीमारी के चलते हृदय रोग और जोड़ों में दर्द आदि होता है। पूरे प्रदेश में सिकल सेल एनीमिया के रोगियों की पहचान और उपचार के लिए योजना बनाई जा रही है।
डॉ. उनियाल ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के तहत पूरे प्रदेश में देहरादून के चकराता और कालसी ब्लॉक का चयन किया गया है। बैठक में डॉ. वसीम कुरैशी, डॉ. नमिता पंत, डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. पंकज श्रीवास्तव, अमित राणा, हरीश पैन्यूली, चिकित्सा, शिक्षा, बाल विकास विभाग के अधिकारी और पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित रहे।