महाकुंभ में दोनों के न के बराबर रुपये खर्च हुए
यहां दोनों निशुल्क पंडालों में ठहरे और नित चलने वाले भंडारों में खाना खाया। महाकुंभ में दोनों के न के बराबर रुपये खर्च हुए। इसके बाद गत 25 फरवरी को महाकुंभ से निकलकर अमृतसर पहुंच गए। यहां एक सराय में 200 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से कमरा लिया और स्वर्ण मंदिर में भंडारा चखने लगे। यहां सिर्फ एक ही दिन ठहरे थे कि पुलिस पहुंच गई।
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बेटी को छोड़ दिया नानी के पास
आरोपी गीता की बेटी उसके साथ रहती थी। ऐसे में जब दोनों देहरादून से भागे तो इससे पहले ही अपनी बेटी को देवबंद मायके में छोड़ दिया। पकड़े जाने के बाद गीता तमाम तरह के बहाने बना पुलिस को टाल रही थी, लेकिन एकाएक हिमांशु चौधरी पुलिस के सामने टूट गया और अब तक की सारी कहानी उगल दी।