एक जुलाई से देश भर में लागू होने वाले गुड्स एवं सर्विस टैक्स (जीएसटी) के मद्देनजर पंतनगर सिडकुल के 400 से अधिक कारखानों में 25 जून से शटडाउन शुरू होगा जो सात जुलाई तक रहेगा।
इन इकाइयों में इस अवधि में उत्पादन बंद होने से लगभग 3500 करोड़ से अधिक का कारोबार प्रभावित होने की संभावना है। कुछ फैक्ट्रियां एक सप्ताह तक तो कुछ 10 दिन तक कामकाज बंद रखेंगी। इन दिनों में कारखानों में मेंटेनेंस का कार्य होगा। फैक्ट्री प्रबंधन के मुताबिक इस दौर में जीएसटी लागू होने से पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन किया जाएगा।
बता दें कि पंतनगर सिडकुल में ऑटो और मोटर पार्ट्स, फूड, दवा, इलेक्ट्रानिक कंपनियां बड़े पैमाने पर उत्पादन करती हैं। प्रतिदिन पंतनगर सिडकुल से ही करीब 500 करोड़ रुपये से अधिक का उत्पादन होता है।
लगभग 3500 करोड़ रुपये का उत्पादन प्रभावित होगा
gst give employment
ऐसे में यदि सात दिन तक फैक्ट्रियों में शटडाउन रहेगा तो सीधे तौर पर लगभग 3500 करोड़ रुपये का उत्पादन प्रभावित होगा। इसके साथ ही ट्रांसपोर्ट के क्षेत्र में भी भारी नुकसान पंतनगर सिडकुल से जुड़ी ट्रांसपोर्ट कंपनियों को भी उठाना होगा। ऐसा फैक्ट्रियों के शटडाउन के कारण माल का लदान और ढुलान का काम भी ठप होने के कारण होगा।
पंतनगर सिडकुल में टाटा, बजाज, अशोका लीलैंड, ब्रिटानियां, पारले, नेश्ले, मिंडा जैसी कंपनियों के अलावा सैकड़ों वैंडर कंपनियां भी हैं। जीएसटी को पूरी तरह से समझने के उद्देश्य से सिडकुल इंटरप्रिन्योर वेलफेयर सोसाइटी ने तय किया है कि वह जीएसटी से होने वाले लाभ और हानि दोनों अच्छी तरह से समझ लें उसके बाद ही फैक्ट्रियां अपना उत्पादन शुरू करेंगी।
एक जुलाई से देशभर में जीएसटी लागू होगा। कारखानों ने भी जीएसटी को समझने के उद्देश्य से 25 जून से शटडाउन लेने का फैसला लिया है। कुछ फैक्ट्रियां एक सप्ताह तो कुछ 10 दिन तक भी अपना उत्पादन पूरी तरह से बंद रखेंगी। सिडकुल में उत्पादन ठप होने से हजारों करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित होगा।
- मनोज त्यागी, अध्यक्ष, सिडकुल इंटरप्रेन्योर वेलफेयर सोसायटी