इसके बाद श्रीश्री रविशंकर कैंची धाम जाने के लिए होटल से निकले, मगर फिर पैदल ही नैनादेवी की ओर चल पड़े, जहां उन्होंने पूजा-अर्चना कर नैनादेवी मंदिर की पौराणिकता जानी और पूरे मंदिर परिसर का भ्रमण कर ठंडी सड़क स्थित शनि मंदिर, शिव मंदिर और पाषाण देवी के दर्शन भी किए।
उत्तराखंड में नशा मुक्ति और स्किल डेवलपमेंट पर कार्य करेगी संस्था
घूमने के उद्देश्य से नैनीताल पहुंचे श्री श्री रविशंकर बोले कि उत्तराखंड को एक आदर्श राज्य बनाने के लिए उनकी संस्था नशा मुक्ति के क्षेत्र में यहां भी कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि संस्था पंजाब और हरियाणा में नशा मुक्ति पर काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि उनकी संस्था उत्तराखंड में रसायन मुक्त खेती की ओर लोगों को प्रोत्साहन करने का काम कर रही है, इसके साथ ही किसानों को जमीन देने और स्वच्छता के क्षेत्र में भी संस्था काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश भर के युवाओं में स्किल डेवलपमेंट करने के लिए संस्था द्वारा ट्रेनिंग सेंटर खोले जाएंगे।