बताया कि श्रीकृष्ण का जन्म रोहिणी नक्षत्र में हुआ था चार सितंबर को रोहिणी नक्षत्र 12:29 बजे से शुरू होकर रात 11:04 बजे तक रहेगा। आचार्य डॉ सुशांत राज ने बताए कि रात में निशीथ काल के समय भगवान श्रीकृष्ण को पंचामृत से स्नान कराएं। उन्हें नए वस्त्र पहनाएं और शृंगार कर माखन-मिश्री, फल, मिठाई आदि का भोग लगाएं। धूप-दीप जलाकर भगवान की आरती करें। इसके साथ ही श्रीकृष्ण के मंत्र और भजन का जाप करें।