राजधानी देहरादून समेत गढ़वाल मंडल के गैस उपभोक्ताओं को सिलेंडरों की किल्लत से निजात मिलेगी या नहीं बीस जनवरी को तय हो जाएगा।
संकट और गहराने की आशंका
इंडियन ऑयल कंपनी (आईओसी) के हरिद्वार गैस प्लांट से ट्रांसपोर्टेशन की विज्ञप्ति के लिए यह आखिरी तारीख है। अब तक कोई आवेदन नहीं आया है, 20 (सोमवार) को भी कोई आवेदन नहीं आया तो संकट और गहराने की आशंका है।
भाड़ा बढ़ाने की मांग पर 27 दिसंबर से ट्रांसपोर्टर्स अघोषित हड़ताल पर हैं। आईओसी ने अब दूसरी विज्ञप्ति जारी की है, लेकिन ट्रांसपोर्टर अब भी झुकने के मूड में नहीं है।
कंपनी ने एजेंसी संचालकों से खुद ही प्लांट से सिलेंडर उठाने के लिए कहा था, लेकिन एजेंसियों ने इससे हाथ खड़े कर दिए।
सूत्रों की मानें तो हरिद्वार से देहरादून का ट्रांसपोर्ट भाड़ा 3500 रुपए है, जबकि लोडिंग चार्ज 1000 रुपए पड़ता है। कंपनी ने भाड़ा 4700 रुपए तय किया है। ऐसे में ट्रांसपोर्टर टेंडर नहीं डाल रहे।
निर्धारित तिथि तक कोई आवेदन नहीं आया तो दून सहित पूरे गढ़वाल मंडल में गैस आपूर्ति ठप हो जाएगी। वहीं, करनाल और काशीपुर से लगातार सप्लाई से इन प्लांटों से अन्य स्थानों पर आपूर्ति में असर पड़ने से यहां से भी जल्द ही कंपनी को हाथ खींचने पड़ सकते हैं।
पूर्ति निरीक्षक ने बंटवाई गैस
शिवा गैस एजेंसी की मनमानी रोकने के लिए जिला पूर्ति विभाग ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। शुक्रवार को नवादा, माजरी माफी, हरिपुर में जिला प्रशासन और जिला पूर्ति विभाग की टीम ने लोगों की शिकायतें सुनी थीं।
इसके बाद जिला पूर्ति अधिकारी ने एजेंसी में आने वाले सिलेंडर और वाहनों के वेरिफिकेशन का निर्देश दिया था। शनिवार को पूर्ति निरीक्षक अजयपाल रावत एमडीडीए केदारपुरम क्षेत्र पहुंचे। वेरिफिकेशन के बाद उन्होंने अपने सामने प्वाइंट डिलीवरी करवाई।