उन्होंने कहा कि वह वर्षों से खोखे पर अपना रोजगार कर रहे हैं, लेकिन अब, उन्हें बेरोजगार किया जा रहा है। इस दौरान कोतवाल केएस बिष्ट द्वारा व्यापारियों को छत से उतारने का प्रयास किया गया, लेकिन तभी दो व्यापारियों ने अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क दिया। इस पर कोतवाल पीछे हट गए। सीओ श्रीधर प्रसाद बडोला व तहसीलदार के समझाने पर व्यापारी शांत हुए, लेकिन छत से नीचे नहीं उतरे।
इस दौरान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष संतोष रावत के नेतृत्व में पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी पीड़ित व्यापारियों का समर्थन करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। रावत का कहना था कि केंद्र व राज्य सरकार व्यापारियों व कामगारों को बेरोजगार करने पर तुली है। उन्होंने पीड़ितों को दुकान मुहैया नहीं कराए जाने पर चक्काजाम कर आंदोलन की चेतावनी दी। रात आठ बजे तक भी व्यापारी पेट्रोल की बोतल हाथ में लेकर खोखे पर ही चढ़े रहे। इसके बाद व्यापारियों का एक प्रतिनिधिमंडल डीएम से मुलाकात करने गया।