जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का कहना है कि अजमेर में चिश्ती की दरगाह और ताजमहल के नीचे भी शिवलिंग है।
मुस्लिम शासन काल में देश के मंदिरों को निशाना बनाया गया। फिर भी साजिश सफल नहीं हुई। इसके बाद एक मुस्लिम ने साईं बाबा की प्रतिमाएं मंदिरों में रखवाने की साजिश रची।
गुरुवार को दोपहर हरिद्वार स्थित कनखल के शंकराचार्य मठ में पत्रकारों से स्वामी स्वरूपानंद ने कहा कि देश में जब मुस्लिमों का शासन था तो उन्हें मस्जिद बनाने के लिए जमीन की कमी नहीं थी। लेकिन उन्होंने इसके लिए हिंदू मंदिरों को चुना।
काशी, सोमनाथ, मथुरा और राम जन्मभूमि हर जगह मंदिरों को निशाना बनाया गया। वहां पर मस्जिद घोषित करने की साजिश रची गई।