गंगा में खनन के खिलाफ और पांच अधिकारियों के निलंबन की मांग को लेकर 11 दिन से अनशन कर रहे मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद ने कहा कि सरकार माफिया के इशारे पर मेरी हत्या कराना चाहती है, इसीलिए सरकार को न वार्ता से मतलब है और न मांगों पर ध्यान है।
आश्रम से उठाकर अस्पताल में भर्ती कराने की साजिश रची जा रही है। स्वामी शिवानंद ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को पत्र भेजकर उस वैज्ञानिक का नाम भी पूछा, जिसने सरकार से गंगा में खनन को जरूरी बताया।
मातृसदन में पत्रकारों से वार्ता करते हुए स्वामी शिवानंद ने वर्ष 2000 की मेडिकल रिपोर्ट दिखाते हुए बताया कि उन्हें उस दौरान भी जहर दिया गया था। नाखून की जांच में यह साबित भी हुआ था। अब फिर सरकार माफिया के इशारे पर मेरी हत्या का षड्यंत्र रच रही है।
इसीलिए वार्ता का रास्ता छोड़कर सिर्फ इस बात पर जोर दिया जा रहा है कि किस तरह आश्रम से उठाकर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया जाए। हत्या का बाकी काम माफिया खुद देख लेंगे।
स्वामी शिवानंद ने कहा कि यदि उनकी हत्या ही करनी है तो आश्रम में ही खुला रहने दें, उग्र तप कर खुद ही प्राण छोड़ दूंगा। हरिद्वार में विहिप केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक में राम मंदिर निर्माण के फैसले पर स्वामी शिवानंद ने सवाल उठाया कि भाजपा और आरएसएस भगवान राम का मंदिर ही बनाएगी या मर्यादा पुरुषोत्तम के आदर्शों का पालन भी करेगी।