बीकेटीसी के वरिष्ठ पुजारी शिव शंकर लिंग और नांदेड़ पहुंचे पूर्व प्रमुख लक्ष्मी प्रसाद भट्ट ने बताया कि रावल भीमाशंकर लिंग ने अपने मठ में आयोजित कार्यक्रम में केदारनाथ के नए रावल के रूप में केदार लिंग महाराज को अपना उत्तराधिकारी चुना है।
यह है परंपरा
केदारनाथ के रावल अविवाहित होते हैं। कर्नाटक के वीर शैव संप्रदाय से संबंध रखते हैं और शिव उपासक होते हैं। रावल परंपरानुसार केदारनाथ की पूजा के मुख्य कर्ताधर्ता होते हैं। रावल केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलने और कपाट बंद होने पर धाम में मौजूद रहते हैं।
भुकुंड लिंग थे पहले रावल
करीब चार सौ से अधिक वर्षों से चली आ रही परंपरा के तहत भुकुंड लिंग केदारनाथ के पहले रावल थे। वहीं भीमाशंकर लिंग 324वें रावल हैं।