पहले श्रुति को कोलकाता के दंपति ने गोद लिया था।
शिशु निकेतन में रहने वाली श्रुति की किस्मत कोलकाता नहीं, बल्कि फ्रांस की राजधानी पेरिस थी। तभी तो चार महीने पहले कोलकाता के दंपति ने इस बच्ची को गोद लेकर वापस शिशु निकेतन को लौटा दिया। वहीं, अब पहली बार शिशु निकेतन के बच्चों को विदेशी दंपति गोद ले रहे हैं। इनमें श्रुति के अलावा यहां रहने वाले अर्जुन और श्रेया भी शामिल हैं।
चार महीने पहले जब नन्ही श्रुति को कलकत्ता के दंपति ने गोद लिया था तो शिशु निकेतन का स्टाफ बेहद खुश हुआ हुआ कि श्रुति को नया परिवार मिल गया। लेकिन दो महीने के अंदर ही इस दंपति ने श्रुति को लौटा दिया। प्रबंधन ने उन्हें काफी समझाया गया, लेकिन उन्होंने कुछ परेशानी बताकर श्रुति को वापस शिशु निकेतन छोड़ दिया। तब किसी को नहीं पता था कि दो वर्षीय श्रुति की किस्मत में कलकत्ता नहीं बल्कि पेरिस में रहना लिखा है।
जैसे ही शिशु निकेतन प्रबंधन की ओर से दोबारा श्रुति की फोटो कारा (सेंट्रल एडॉप्शन रिर्सोस अथॉरिटी) की साइट पर डाली गई तो तुरंत पेरिस से उसे गोद लेने वालों का आवेदन आ गया। इसके लिए लगभग सभी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं और जल्द ही श्रुति यहां से पेरिस के लिए रवाना हो जाएगी। श्रुति के अलावा भी शिशु निकेतन से छह वर्षीय अर्जुन को इटली और छह वर्षीय श्रेया को स्पेन के दंपति गोद ले रहे हैं।