हाईकोर्ट के आदेश के बाद वर्ष 2018 और उसके बाद वर्ष 2020 में शहर के अन्य हिस्सों की तरह शिमला बाईपास रोड पर मेहूंवाला से लेकर तेलपुर चौक तक सड़क से अतिक्रमण तो हटा दिया गया था, लेकिन इस सड़क पर अभी दुश्वारियां पहली जैसी ही है।
इसका कारण अतिक्रमण हटाने के बाद सड़क का चौड़ीकरण न होना है, जिससे दोपहर, शाम और रात को लोगों को जाम के साथ ही हादसों से जूझना पड़ता है। पहले मेहूंवाला से तेलपुर चौक तक अतिक्रमणों की भरमार थी। यहां लोगों ने दो-दो मीटर तक सड़क पर कब्जा किया था। वर्ष 2018 में हाईकोर्ट के आदेश के बाद शहर के अन्य क्षेत्रों के साथ यहां भी अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाकर हटाया गया। इसके बाद जो अतिक्रमण रह गया था, वह 2020 में हटा दिया गया। इसके बाद मेहूंवाला से तेलपुरा तक सड़क खुली-खुली नजर तो आती है, लेकिन दुश्वारियां आज भी पहली जैसी हैं। प्रशासन ने जितने हिस्से से अतिक्रमण हटाया था, उसे ऐसे ही छोड़ दिया गया है।
कहीं पर तो चार साल बाद भी अतिक्रमण का मलबा तक नहीं उठाया गया है। इस सड़क पर यातायात का दबाव काफी अधिक रहता है। सुबह और देर रात भारी वाहनों की आवाजाही रहती है। सड़क संकरी होने से यहां देर रात में भी जाम से जूझना पड़ता है। डंपर आदि चलने से सड़क पर कई बार हादसे हो चुके हैं। फिर भी सरकार और जिला प्रशासन सड़क के चौड़ीकरण की कोई पहल नहीं कर रहा। इसके अलावा दोबारा अतिक्रमण शुरू हो गया है।
फिलहाल इस रोड़ पर जहां दिक्कत है, वहां चौड़ीकरण का कार्य किया जा रहा है। आगे चौड़ीकरण की योजना तैयार की जाएगी, जिससे लोगों को दिक्कत न हो।
- एसएस भंडारी, एसई, लोनिवि