खत शिलगांव के नगाया थात स्थित नवनिर्मित मंदिर में शिलगुर महाराज विराजमान हो गए हैं। सोमवार को बड़ी संख्या में भक्त मंदिर में पहुंचे। उन्होंने देव दर्शन कर परिवार की सुख-शांति की कामना की। दोपहर में भंडारे का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
खत सिलगांव के लोगों ने शिलगुर महाराज की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा के लिए नए मंदिर का निर्माण कराया था। इसमें करीब 182 साल बाद देवता विराजमान हुए। इससे पहले देव मूर्ति का जमुना घाट हरिपुर और हिमाचल प्रदेश के चूड़धार में शाही स्नान कराया गया था। रविवार को मूर्ति चुड़धार से पजिटीलानी पहुंची। रात्रि विश्राम के बाद सोमवार को ढोल-दमाऊं और रणसिंघे के साथ देव मूर्तियों को नगाया थात लाया गया। मंदिर पहुंचने पर समिति के सदस्यों और देव कारिंदों ने मूर्ति पर पुष्प वर्षा की। देव पुजारी, देव मालियों ने अष्टधातु की मूर्ति को मंदिर की परिक्रमा कराई। उसके बाद दोपहर दो बजे देव मूर्ति को विधि-विधान पूर्वक नव निर्मित मंदिर के गर्भगृह में स्थापित किया गया। सुबह आठ बजे देव पुजारी आचार्य प्रवेश शर्मा, कुल पुरोहित सियाराम शर्मा, मुकेश शर्मा आदि ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर मंदिर का शुद्धीकरण किया। जागड़े में खत सिलगांव के जिसऊ, अलसी, सकनी, कनबुआ, ककाडी, भंजरा, ऊभरेऊ, देऊ, मंडोली, सुरेऊ के साथ आसपास के कई गांव के हजारों लोग पहुंचे। लोक गायक अरविंद चौहान, बहादुर सिंह राणा ने शिलगुर महाराज पर दो अलग-अलग हारूल की शूटिंग भी की। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में हारूल नृत्य किया।
इस मौके पर मंदिर समिति के अध्यक्ष कृपाराम शर्मा, खत स्याणा तुलसीराम शर्मा, मोतीराम शर्मा, देव पुजारी दाताराम शर्मा, धन सिंह पंवार, खजान सिंह, कांति राणा, मातबर सिंह पंवार, शांति सिंह पंवार, मायाराम पंवार, वीरेंद्र सिंह पंवार आदि उपस्थित रहे।