I एक नंबर प्लेटफार्म के पास झाड़ियों में छुपाकर रखी गई थी लोकल पानी की खेपI
योगनगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को रेल नीर की जगह लोकल पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। यात्रियों की शिकायत पर रेलवे स्वास्थ्य विभाग ने 46 पेटी लोकल पानी बरामद किया है। कब से लोकल पानी बेचा जा रहा था और कौन पानी बाहर से ला रहा था, इसको लेकर रेलवे की ओर से सीसीटीवी खंगाले जा रहे हैं। उसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
योगनगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन से प्रयागराज संगम के मध्य चलने वाली ट्रेन संख्या (14230) में सवार यात्रियों ने ट्रेन के कोच नंबर एस-5 और एस-6 में लोकल पानी बिकने की शिकायत रेलवे के उच्च अधिकारियों से की। शिकायत के बाद रेलवे अधिकारियों ने कोच में जांच की तो वहां पर रेल नीर की जगह लोकल पानी बेचा जा रहा था।
मौके से छह पेटी लोकल पानी पकड़ा गया। रेलवे के अधिकारियों की ओर से जब कोच के वेंडर से पूछा तो उसने कहा कि हमारे पास रेल नीर के पानी का स्टॉक खत्म हो गया है। कहीं रेल नीर का पानी नही मिल रहा है। इसलिए लोकल पानी बेचा जा रहा है।
Iकाली पन्नी से छिपाकर रखी गई लोकल पानी की बड़ी खेपI
ट्रेन के एस-5 और एस-6 से छह पेटी लोकल पानी जब्त करने के बाद रेलवे की टीम एक नंबर प्लेटफार्म के पास पहुंची। यहां पर झाड़ियों में काली पन्नी में छिपाकर लोकल पानी की बड़ी खेप रखी गई थी। यहां से रेलवे पुलिस बल ने 40 पेटी लोकल पानी बरामद की है। कार्रवाई से वेंडरों में हड़कंप मचा है।
Iकई स्थानों को टूटी है सुरक्षा तारबाड़I
जिस स्थान से रेलवे पुलिस की ओर से 40 पेटी लोकल पानी की बोतलें पकड़ी गई हैं। उसके पास तारबाड़ तोड़ी गई है। इस टूटी हुई तारबाड़ के कारण कोई भी व्यक्ति हाईवे से सटे रेलवे स्टेशन के प्रवेश द्वार से सीधे एक नंबर प्लेटफार्म पर पहुंच सकता है। यह तारबाड़ करीब छह महीने से अधिक समय से क्षतिग्रस्त है।
Iयोगनगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन में लोकल पानी की कुल 46 पेटियां जब्त की गई हैं। लोकल पानी कब से बेचा जा रहा था, कौन लोकल पानी ला रहा था इसके लिए सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं। II- गायत्री, उप निरीक्षक आरपीएफI