मसूरी। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना महज शिगूफा बनकर रह गई है। सरकार ने 1500 प्रवासियों को रोजगार देने का लक्ष्य रखा था, जिसे दोगुना कर दिया गया है। प्रदेश में पांच लाख से ज्यादा प्रवासी हैं। यह योजना सिर्फ प्रवासियों को गुमराह कर रहने वाली है।
यह बात कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष जोत सिंह बिष्ट ने बुधवार को पत्रकार वार्ता में कही। उन्होंने आरोप लगाया कि कोरोना की रोकथाम में राज्य सरकार पूरी तरह से विफल साबित हुई है और अब सरकार ने सारे प्रतिबंध हटाकर लोगों को उनके हाल पर छोड़ दिया है। बेरोजगारों के लिए बैंकों की ऋण की शर्तें सरल नहीं हैं। पंडा पुरोहितों, पर्यटन व्यवसाय से जुड़े हुए होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, खोखा, रेहड़ी, पटरी, ठेला कारोबारियों, परचून व अन्य छोटे व्यापारियों, दिहाड़ी मजदूर सभी प्रभावित हैं। इनके लिए सरकार कोई ठोस प्रयास नहीं कर रही है।