शिवालिक पर्वतमाला पर विराजमान मां मनसा देवी के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था निराली है। सालभर यहां गंगा में डुबकी लगाने के लिए आने वाला हर श्रद्धालु मंदिर दर्शन के लिए जरूर जाता है। मान्यता है कि यहां मन्नत का धागा बांधने पर मांगी गई मुराद अवश्य पूरी होती है।
पहले मंदिर तक पहुंचने के लिए तीन पैदल मार्ग थे। करीब 40 वर्ष पूर्व उषा ब्रेको कंपनी ने इस मार्ग पर रोपवे शुरू किया। अब यहां बुजुर्ग यात्री भी आसानी से पहुंच जाते हैं। इसके अलावा पैदल मार्ग से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।