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नवरात्र 2020: हर किसी को बेसब्री से इंतजार, ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक इस दिन होगा सबसे उत्तम मुहूर्त

Wed, 07 Oct 2020 09:36 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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17 अक्तूबर से शुरू हो रहे नवरात्र का हर किसी को बेसब्री से इंतजार है। नवरात्र के शुभ दिनों में कोई नया वाहन खरीदना चाहता है तो कोई गृह प्रवेश, व्यवसाय की शुरुआत व अन्य शुभ कार्य करने की तैयारी में हैं। ऐसे में पंडितों की खासी पूछ हो रही है। लोग नवरात्र में सबसे उत्तम मुहूर्त तलाश रहे हैं। 

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ज्योतिषाचार्य विजेंद्र प्रसाद ममगाईं के अनुसार 17 अक्तूबर से नवरात्र शुरू हो रहे हैं। नवरात्र पर शुभ कार्य का विधान है। इस अवसर पर नया वाहन खरीदने व व्यवसाय शुरू करने वाले ज्यादा लोग होते हैं। फिलहाल उनके पास रोजाना 4 से 8 यजमानों के फोन शुभ मुहूर्त बताने के आ रहे हैं।

                                           
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ज्योतिष गणना के अनुसार 19 तारीख को सबसे उत्तम लग्न है। ज्यादातर लोग इसी दिन को ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं। आचार्य डॉ. सुशांत राज के मुताबिक उनके पास भी रोजाना 5 से 10 यजमानों के फोन आते हैं। 

19 तारीख पर विशेष जोर 

शहर के एक ऑटो सेक्टर की कंपनी के प्रतिनिधि के अनुसार नवरात्र में सभी दिनों की बुकिंग आ रही हैं, लेकिन सबसे ज्यादा 19 तारीख की है। लोग 19 तारीख को वाहन घर पर ले जाकर पूजा कराना चाहते हैं।

सेकेंड हैंड कार की भी कराएंगे पूजा 

ऐसा नहीं है कि नवरात्र पर नया वाहन खरीदने का ही महत्व है। कई लोग सेकेंड हैंड कार या अन्य वाहन भी खरीदकर नवरात्र में ही घर लाना चाहते हैं और वाहन की विधिवत पूजा कराना चाहते हैं।

ये लोग पुरानी कार खरीदकर आरटीओ में रजिस्ट्रेशन व अन्य दस्तावेज की प्रक्रिया में भी लगे हैं। विभाग के अनुसार पिछले एक हफ्ते में आवेदनों में खासी बढ़ोतरी देखी गई है। हालांकि, नए वाहनों के रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन नवरात्र तक ही आने की उम्मीद है।

श्री सनातन धर्म मंदिर में हुई विश्व शांति के लिए प्रार्थना

सिद्ध पीठ श्री सनातन धर्म मंदिर प्रेमनगर में विश्व शांति के लिए देवी-देवताओं से कामना की गई। पुजारी राजू उपाध्याय ने पहले भगवान भोले शंकर की पूजा-अर्चना की। उन्होंने कहा कि पुरुषोत्तम मास में शिव की पूजा-अर्चना से मनुष्य कष्ट एवं रोग आदि से मुक्त रहता है। अंत में भगवान श्रीराम और हनुमान जी की विशेष आरती हुई।

इसमें प्रधान सुभाष माकिन, महासचिव अवतार किशन कौल, रवि भाटिया, गुलशन माकन, नरेंद्र खत्री, हेमेंद्र भाटिया, फकीरचंद, राजीव पुंज, विनोद कुमार, मनोज बहल, उदय दत्ता, गगन चावला, स्पर्श तलवार, संगीता भाटिया, कांता चावला, अनीता मल्होत्रा, इंदु अरोड़ा, शिवानी भाटिया, पूजा दत्ता, मानसी तलवार, अंजलि शर्मा, मोंटू भाटिया का सहयोग रहा। 

शादियों के लगन भी एक माह देरी से होंगे शुरू

इस साल अधिकमास के कारण शारदीय नवरात्रि और दीपावली सहित सभी त्योहार पिछले साल की तुलना में 20 से 25 दिन की देरी से मनाए जाएंगे। पंचांग गणना के अनुसार अधिक मास होने के कारण त्योहारों में देरी आएगी। शादियों के लगन भी एक माह देरी से शुरू होंगे।

सनातन धर्म के अनुसार हर तीन साल में अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) आता है। इसके पीछे ज्योतिषीय गणना के अनुसार सूर्य और चंद्रमा की गति को माना जाता है। इसमें सूर्य का साल 365 दिन का होता है, जबकि चंद्रमा का साल 354 दिन का होता है। इन दोनों के बीच 11 दिन का अंतर रहता है। इस अंतर को दूर करने के लिए हर तीसरे साल अधिक मास आता है। 

इस साल 17 सितंबर से 16 अक्तूबर तक आश्विन अधिक मास रहने के कारण व्रत-त्योहार गत वर्ष की तुलना में आगे खिसक गए हैं। इस साल अक्तूबर से दिसंबर तक जो भी त्योहार होंगे, वे गत साल की तिथियों के मुकाबले 20 से 25 दिन तक की देरी से आएंगे।
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मलमास को भगवान विष्णु ने दिया आशीर्वाद

पिछले साल नवरात्रि 29 सितंबर से शुरू हुए थे, तो इस साल 17 अक्तूबर से प्रारंभ होंगे। दशहरा पिछले साल 08 अक्तूबर को था, इस साल 25 अक्तूबर को आएगा। दीपावली इस साल 14 नवंबर को आएगी।

देव उत्थान एकादशी इस साल 25 नवंबर को आएगी। विद्वत सभा के पूर्व अध्यक्ष और पंडित उदय शंकर भट्ट ने कहा कि हर साल 24 एकादशी होती हैं, लेकिन इस साल मलमास के कारण 26 एकादशी होंगी। 17 अक्तूबर से नवरात्रि शुरू होते ही मांगलिक कार्य भी शुरू हो जाएंगे।

पौराणिक कथा के अनुसार पहले प्रत्येक राशि, ग्रह-नक्षत्र, बारह मास आदि सभी के स्वामी थे, लेकिन मलमास का कोई स्वामी नहीं था। दु:खी होकर मलमास भगवान विष्णु के पास बैकुंठ लोक में जा पहुंचे।

उन्होंने कहा कि मेरा कोई स्वामी नहीं होने के कारण सभी लोग मेरा तिरस्कार कर रहे हैं। तब श्रीहरि ने मलमास का हाथ पकड़ लिया और वरदान स्वरूप मलमास को अपना नाम पुरुषोत्तम दिया। साथ ही आशीर्वाद दिया कि जो इस मास में पूजा-पाठ और दान करेगा, उसको अक्षय पुण्य की प्राप्ति होगी।
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