शांतिकुंज की ओर से गंगा अवतरण दिवस के उपलक्ष्य में मंगलवार को शहर में बड़े पैमाने पर स्वच्छता अभियान चलाया गया। इसमें गीता कुटीर से ज्वालापुर तक गंगा के दोनों किनारों के घाटों की सफाई की गई।
अभियान में शांतिकुंज के कार्यकर्ताओं के साथ ही देवसंस्कृति विश्वविद्यालय और गायत्री विद्यापीठ के शिक्षक, प्राचार्य और विद्यार्थियों तथा विभिन्न शिविरों में प्रशिक्षण लेने आए लोगों ने भी भाग लिया।
शांतिकुंज प्रमुख डा. प्रणव पंड्या और शांतिकुंज के वरिष्ठ कार्यकर्त्ताओं ने अभियान की शुरूआत मेला नियंण कक्ष के समीप बने पंडाल में पहुंचकर की। मेयर मनोज गर्ग भी उत्साह बढ़ाने पहुंचे। इस अवसर पर डा. प्रणव पंड्या ने कहा कि सरकार और सहकार के प्रयास से गंगा को अविरल बनाया जा सकता है।
उन्होंने गंगा में गिरने वाले गंदे नालों को अविलंब रोकने पर बल दिया। साथ ही कड़े कानून बनाकर गंगा को प्रदूषित करने वाले को दोषी करार देने की जरूरत बताई। कहा कि सफाई का यह अभियान हमारे अंदर भी क्रांति का रूप लेकर उभरना चाहिए। यह क्रांति ऐसी हो जिसमें अंदर की बुराइयों के प्रति विद्रोह उठ खड़ा हो। कहा कि बाहर की सफाई स्वास्थ्य से संबंध रखती है, पर भीतर की सफाई जीवन को महान बनाने की ओर अभिमुख करती है।
इससे पहले सप्तसरोवर क्षेत्र में गंगा किनारे सफाई अभियान चलाया गया, जिसमें सभी घाटों की सफाई की गई। यहाँ देवसंस्कृति विवि के प्रतिकुलपति डा. चिन्मय पंड्या की देखरेख में अभियान चला। अभियान में शांतिकुंज, देव संस्कृति विश्वविद्यालय, गंगा सभा, हरिद्वार नागरिक मंच, उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय से जुड़े महाविद्यालय, अग्रवाल सभा, वरिष्ठ नागरिक मंच, होटल एसोसिएशन, ब्राह्मण महासभा, अखिल भारतीय युवा तीर्थ पुरोहित महासभा, हरिद्वार गुजराती समाज सेवा भारती, बडोला वेलफेयर फाउंडेशन, स्पर्श गंगा, व्यापार मंडल, भारत विकास परिषद, पेंशनर्स वेलफेयर ऑर्गनाईजेशन आदि संस्थाओं ने मिलकर श्रमदान किया।