फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अखाड़ा परिषद ने फर्जी संतों की सूची जारी की, शंकराचार्य का नाम होने से मचा बवाल

Thu, 07 Sep 2017 08:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
विज्ञापन
स्वामी अच्युतानंद
विज्ञापन
शारदापीठाधीश्वर जगद्गगुरु स्वामी अच्युतानंद तीर्थ महाराज के प्रवक्ता राजेंद्र शर्मा ने अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरी की ओर से जारी की गई फर्जी संतों की सूची में स्वामी अच्युतानंद तीर्थ का नाम शामिल करने पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि भूमापीठ की तरह से मानहानि का मुकदमा दायर किया जाएगा।  
विज्ञापन


राजेंद्र शर्मा ने मंगलवार को यहां जारी एक बयान में कहा कि अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष को किसी भी संत को फर्जी बताने या संत समाज से निष्कासित करने का कोई भी अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि अखाड़ा परिषद का गठन कुंभ और अर्द्घकुंभ में मेलों में अखाड़ा न होने के कारण अखाड़ों का स्नानक्रम तय करने के लिए किया गया था।

उन्हें अपने काम से काम रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि नरेंद्र गिरी सभी अखाड़ों को अध्यक्ष के रूप में स्वीकार भी नहीं है। वे अपने कार्य क्षेत्रों से बाहर जाकर संतों के बारे में अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दंडी स्वामी परंपरा अखाड़ों से भी पुरानी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरी
दंडी स्वामी के आचार्य आदि जगद्गगुरु शंकराचार्य ने अखाड़ा बनाया था। उन्होंने कहा कि अखाड़े को किसी भी दंडी स्वामी को फर्जी बताने या बहिष्कृत करने का कोई अधिकार नहीं दिया गया। वैसे भी अखाड़ा परिषद से स्वामी अच्युतानंद तीर्थ को कैसे निष्कासित किए जा सकता है।

क्योंकि वे तो किसी भी अखाड़े के सदस्य नहीं हैं। उन्होंने कहा कि स्वामी अच्युतांनद तीर्थ पहले भी सरकार की ओर से कुुंभ मेले में संतों को दी जाने वाली सुविधाओं का विरोध करते रहे हैं। सरकार को किसी भी संत को कोई सुविधा नहीं देनी चाहिए। भूमा निकेतन आश्रम अपनी तरफ से कुंभ और अर्द्धकुंभ के मेलों में शिविर लगाएगा।       
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें