शारदापीठाधीश्वर जगद्गगुरु स्वामी अच्युतानंद तीर्थ महाराज के प्रवक्ता राजेंद्र शर्मा ने अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरी की ओर से जारी की गई फर्जी संतों की सूची में स्वामी अच्युतानंद तीर्थ का नाम शामिल करने पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि भूमापीठ की तरह से मानहानि का मुकदमा दायर किया जाएगा।
राजेंद्र शर्मा ने मंगलवार को यहां जारी एक बयान में कहा कि अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष को किसी भी संत को फर्जी बताने या संत समाज से निष्कासित करने का कोई भी अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि अखाड़ा परिषद का गठन कुंभ और अर्द्घकुंभ में मेलों में अखाड़ा न होने के कारण अखाड़ों का स्नानक्रम तय करने के लिए किया गया था।
उन्हें अपने काम से काम रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि नरेंद्र गिरी सभी अखाड़ों को अध्यक्ष के रूप में स्वीकार भी नहीं है। वे अपने कार्य क्षेत्रों से बाहर जाकर संतों के बारे में अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दंडी स्वामी परंपरा अखाड़ों से भी पुरानी है।