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रोहिंग्या मुस्लिमों पर हो रहे अत्याचार को लेकर शहर काजी ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र

Fri, 08 Sep 2017 01:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों पर हो रहे अत्याचार के मामले में हस्तक्षेप की मांग को लेकर शहर काजी मौहम्मद अहमद कासमी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी कार्यालय के माध्यम से राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को ज्ञापन प्रेषित किया है। 
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बृहस्पतिवार को जामा मस्जिद में शहर काजी मौहम्मद अहमद कासमी ने आपात बैठक बुलाई। बैठक में म्यांमार में रोहिंग्या मुस्लिमों पर हो रहे अत्याचार पर चरचा हुई। शहर काजी ने कहा कि यह मानवाधिकारों का हनन है। वहां पर सरकार का नहीं बल्कि अत्याचारियों की हुकूमत कायम हो रखी है। इस मामले में राष्ट्रपति को हस्तक्षेप करना चाहिए। इसके बाद उनके नेतृत्व में कुछ लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां पर जिलाधीश एसएम मुरूगेशन नहीं थे तो उन्होंने कार्यालय स्टॉफ के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित किया। 

ज्ञापन में कहा गया है कि म्यांमार में कुछ अतिवादी ताकतें बेकसूर और निर्दोष रोहिंग्या मुस्लिमों पर जुल्म और अत्याचार कर रहे हैं। वहां की सरकार भी हिंसा रोक पाने में असमर्थ रही है। जान बचाने के लिए वे लोग दूसरे देशों की शरण ले रहे हैं। इस मामले में संयुक्त राष्ट्र संघ व मानवाधिकार संगठन खामोशी अख्तियार किये हुए हैं। इस मामले में अतिवादी ताकतों को वहां की सरकार में शामिल कुछ लोगों का संरक्षण हासिल है। 
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मांग की गई कि राष्ट्रपति इस मामले को गंभीरता से लें और संयुक्त राष्ट्र संघ समेत अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों पर दबाब बनाने का काम करें। ज्ञापन देने वालों में शहर काजी मौहम्मद अहमद कासमी के साथ ही जामा मस्जिद कमेटी के उपाध्यक्ष नसीम अहमद, शिया नेता हसन जैदी, वसीम अहमद, लताफत हुसैन शामिल थे। 
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