नगर निगम के टाउन हॉल में एकलव्य थियेटर की ओर से आयोजित नाटक औरंगजेब का मंचन करते कलाकार।
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
एकलव्य थिएटर की ओर से बृहस्पतिवार को नगर निगम सभागार में नाटक ‘औरंगजेब’ का मंचन किया गया। नाटक में कलाकारों ने शाहजहां के पारिवारिक द्वंद्व का भावपूर्ण अभिनय किया। कथानक में औरंगजेब और उसके पिता शाहजहां के बीच के द्वंद्व पर आधारित था। शाहजहां के चारों बेटे दारा, शुजा, मुराद और औरंगजेब तख्त पर काबिज होने के लिए एक दूसरे का खून बहाने को तैयार रहते हैं। बेटों के दांवपेच, संबंध, सत्ता संघर्ष, रंजिश और साजिश के बीच शाहजहां खुद से जंग करता हुआ नजर आता है। नाटक के अंत में शाहजहां का वाक्य ‘क्या मैं एक मजहबी कठमुल्ला हूं या एक यतीम’ दर्शकों को झकझोर गया। नाटक का निर्देशन अखिलेश नारायण ने किया। नाटक में अभिनय महेश नारायण, जागृति कोठारी, आकाश गुप्ता, फरमान, परमजीत, हर्ष मिश्रा, पंकज भट्ट, सावी त्यागी, टीना मेहरा, मयंक शाह व राजुुल रतूड़ी ने किया।