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पुलवाला हमला: पिता की शहादत के बाद अब सेना में अधिकारी बनना चाहते हैं शहीद मोहनलाल के बेटे

Sun, 14 Feb 2021 12:39 PM IST
देहरादून ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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शहीद मोहनलाल रतूड़ी का परिवार - फोटो : अमर उजाला
पुलवामा हमले की आज दूसरी बरसी है। आज ही के दिन जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे। उनमें से एक देहरादून के मोहन लाल रतूड़ी भी थे। 
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शहीद मोहनलाल रतूड़ी - फोटो : अमर उजाला, फाइल
मोहनलाल रतूड़ी के परिवार को गम तो है कि उनका संरक्षक उनके साथ नहीं है, लेकिन उन्हें फख्र भी है कि उन्होंने देश के लिए शहादत दी। यही वजह है कि आज मोहनलाल का परिवार मजबूत हौसलों के साथ आगे बढ़ रहा है। मोहनलाल के बेटे श्रीराम का जज्बा तो काबिले तारीफ है।
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शहीद मोहनलाल रतूड़ी - फोटो : फाइल फोटो
वह पिता की तरह ही सेना में अधिकारी बनकर देश की सेवा करना चाहते हैं। वर्तमान में श्रीराम केवि आईटीबीपी में 11वीं कक्षा में पढ़ रहे हैं। 14 फरवरी 2019 में पुलवामा में हुए आतंकी हमले में उत्तराखंड के दो जवान शहीद हुए थे। इनमें एक दून के मोहनलाल रतूड़ी और दूसरे विरेंद्र सिंह थे।

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शहीद मोहनलाल रतूड़ी की बेटी - फोटो : अमर उजाला
मोहनलाल 1988 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे। परिवार में उनकी पत्नी सरिता तीन बेटियां और दो बेटे हैं। शहादत की खबर के बाद पूरा परिवार टूट गया था। पत्नी सरिता कहती हैं कि अचानक परिवार की जिम्मेदारी उन पर आ गई थी। शुरुआत में हौसला टूटने लगा था, लेकिन अब वह मजबूती के साथ परिवार को आगे बढ़ा रही हैं।
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शहीद मोहनलाल रतूड़ी का परिवार - फोटो : अमर उजाला
पूरा परिवार सीआरपीएफ, सेना, सरकार का आभार प्रकट करता है। सबसे बड़ी बेटी अनुसूया की शादी हो चुकी है। दूसरी बेटी वैष्णवी डीएवी पीजी कॉलेज से बीएससी कर रही है। तीसरी बेटी गंगा कोटा में मेडिकल की कोचिंग कर रही है। बड़े बेटे शंकर को सरकारी नौकरी मिल चुकी है। सरिता देवी ने कहा कि उन्हें गर्व है कि उनके पति ने देश के लिए शहादत दी। उन्हीं की बदौलत आज उन्हें पूरे समाज, सेना, सीआरपीएफ और सरकार से सम्मान मिल रहा है।
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