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देश के लिए कुर्बान होने वाले शहीद को अंतिम विदाई

Tue, 23 Sep 2014 11:22 PM IST
अमर उजाला, ऊखीमठ (रुद्रप्रयाग)
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जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में पेट्रोलिंग के दौरान शहीद हुए सातवीं गढ़वाल राइफल के जवान चंद्रमोहन रावत को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। पैतृक घाट आकाश कामिनी नदी के तट पर सैकड़ों लोगों और सेना के जवानों की मौजूदगी में वीर जवान की अंत्येष्टि की गई।
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मंगलवार पूर्वाह्न 11 बजे शहीद चंद्रमोहन का तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव कांडा ग्राम पंचायत हुड्डू पहुंचाया गया।

मौजूद रहा जनसमूह
गांव के समीप दुर्गाधार कस्बे में सैकड़ों लोग पहले से ही पार्थिव शरीर का इंतजार कर रहे थे। यहां से भारी जनसमूह के साथ पार्थिव शरीर को घाट पर ले जाया गया।

रुद्रप्रयाग में तैनात छठी कुमाऊं रेजीमेंट के एक अधिकारी, एक जेसीओ और 16 सैनिकों ने 24 राउंड फायर कर शहीद को अंतिम सलामी दी। बाद में शहीद सैनिक के बडे़ भाई प्रमोद और छोटे भाई गजेंद्र ने मुखाग्नि दी।
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आतंकवादियों की गोली का हुए शिकार
पार्थिव शरीर के साथ आए सूबेदार नरेंद्र सिंह, हवलदार अवतार, राइफलमैन सूरज सिंह और प्रकाश सिंह ने बताया कि 21 सितंबर को पूर्वाह्न लगभग साढ़े ग्यारह बजे चंद्रमोहन कुपवाड़ा इलाके में पेट्रोलिंग पर थे। इसी दौरान घात लगाए बैठे आतंकवादियों की गोली से वह शहीद हो गए।

अंतिम विदाई में गढ़वाल रेजीमेंट सेंटर लैंसडौन से सूबेदार गजपाल सिंह और हवलदार राकेश भी पैतृक घाट में आए। शहीद को पूर्व विधायक आशा नौटियाल, पूर्व प्रमुख फते सिंह रावत, रमेश नौटियाल, प्रेम सिंह राणा, बीडीसी सदस्य नरेंद्र नेगी, नंदन रावत,सारी के प्रधान घनश्याम, करोखी के महावीर पंवार और उर्वीदत्त सेमवाल आदि ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी।
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