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उत्तराखंड विधानसभा में SGST बिल पास, ये होंगे फायदे

Tue, 02 May 2017 11:52 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून
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uttarakhand assembly
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उत्तराखंड विधानसभा में माल एवं सेव कर (एसजीएसटी) विधेयक 2017 पास कर दिया गया। सोमवार को सत्र के पहले दिन सदन की पटल पर विधेयक पेश किया गया था, जिसे मंगलवार को पास ‌कर दिया गया।
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विधेयक में वित्तीय अभिलेख बदलने या उसमें झूठे तथ्य दर्शाने के दोषी को छह महीने तक का कारावास और दोष सिद्ध व्यक्ति के दोबारा दोषी पाए जाने पर पांच की जेल का प्रावधान किया गया है। बाकायदा एक अधिकरण का गठन होगा।

सत्र के पहले दिन वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने सदन के पटल पर विधेयक रखा। इसके बाद उन्होंने कहा कि एसजीएसटी लागू होने के साथ ही राज्य में 17 प्रकार के करों की व्यवस्था समाप्त हो जाएगी और इसके एवज में सिर्फ माल एवं सेवा कर वसूला जाएगा।
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अल्कोहल और पेट्रोलियम पदार्थ समेत छह वस्तुओं को अगले पांच साल तक के लिए एसजीएसटी के दायरे से बाहर रखा गया है। इन सभी पर वैट बरकरार रहेगा। वित्त मंत्री ने दावा किया कि जीएसटी लागू होने से देशभर में वस्तुओं के दाम में एकरूपता आ जाएगी और राज्य में वस्तुओं के दाम कम होंगे।

उन्होंने एकल कर प्रणाली से राज्य के राजस्व में भी बढ़ोतरी की संभावना व्यक्त की। उन्होंने बताया कि वर्तमान अप्रत्यक्ष कर प्रणाली में कतिपय कठिनाइयों की वजह से एकल कर प्रणाली लागू की जा रही है। इसके तहत केंद्र सरकार जहां केंद्रीय माल एवं सेवा कर के रूप में कर वसूलेगी तो वहीं राज्य सरकार इसे राज्य माल एवं सेवा कर के रूप में वसूल करेगी। विधेयक में कर के चार स्लैब प्रस्तावित हैं।
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किस वस्तु पर कौन सा स्लैब लागू होगा जीएसटी काउंसिल करेगी तय

टैक्स - फोटो : Demo
किस वस्तु पर कौन सा स्लैब लागू होगा, इसका निर्धारण जीएसटी काउंसिल करेगी। विधेयक में अधिकारियों को बकाया वसूली, निरीक्षण, तलाशी, अभिग्रहण और गिरफ्तारी की शक्तियां देने का कानूनी प्रावधान है। अपीलों की सुनवाई के लिए अपील अधिकरण की स्थापना करने, कर भार के फायदों को उपभोक्ताओं तक पहुंचाने और मुनाफाखोरी रोकने के लिए कानून का प्रावधान भी शामिल है।

75478 डीलर्स पंजीकृत
10 लाख रुपये के टर्नओवर वाले व्यापारी एसजीएसटी के दायरे में आएंगे। वैट की अदायगी करने वाले 97,907 डीलर्स में से अब तक 75478 डीलर्स (78 प्रतिशत)नामांकन करा चुके हैं। शेष के पंजीकरण के प्रयास चल रहे हैं।

ढांचे का होगा पुनर्गठन
एसजीएसटी में मनोरंजन कर के कार्मिकों का वाणिज्य कर विभाग में संविलयन होगा। इसके लिए सेवा नियमावली, संरचनात्मक ढांचे के पुनर्निर्धारण की कार्यवाही जल्द की जाएगी।

उद्योगों को छूट
एसजीएसटी लागू होने के बाद सिडकुल के तहत स्थापित निर्माण इकाइयों को आबकारी ड्यूटी तो अदा करनी होगी, मगर केंद्र (58 प्रतिशत) और राज्य (42 प्रतिशत) इसे लौटाएंगे। ये सुविधा 2020 तक मिलेगी।

कर वसूली में 17.18 फीसदी बढ़ोतरी
राजस्व हानि की प्रतिपूर्ति के लिए एसजीएसटी में वर्ष 2015-16 को आधार वर्ष निर्धारित किया गया है। इसके तहत 14 प्रतिशत राजस्व वृद्धि के आधार पर राज्यों को प्रतिपूर्ति करने की व्यवस्था है। 2015-16 में राज्य ने 6096.24 करोड़ राजस्व जुटाया था। करीब 17.18 फीसदी की बढ़ोतरी दर से 2016-17 में यह 7143.35 करोड़ रुपये हो गया।
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