मसूरी स्थित देश के एक नामी स्कूल में कथित रैगिंग और यौन शोषण का मामला सामने आया है। बता दें कि रैगिंग से परेशान होकर कुछ छात्राएं स्कूल से भाग गई थीं।
इस मामले में अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने जांच के आदेश दिए हैं। मामले में महिला एवं बाल आयोग की रिपोर्ट को आधार बनाकर जांच शुरू कर दी गई है। आयोग ने अपनी जांच में कई चौंकाने वाली बातों का उल्लेख किया है। अपर पुलिस महानिदेशक ने जांच रिपोर्ट को दो महीने के भीतर सौंपने के निर्देश दिए हैं।
गौरतलब है कि एक सप्ताह पहले मसूरी के एक स्कूल से चार छात्राएं अचानक लापता हो गईं थी। लापता होने के अगले दिन छात्राएं गाजियाबाद में मिली थीं। छात्राओं से बातचीत के आधार पर पता चला कि वे स्कूल में सीनियर छात्राओं की रैगिंग और समलैंगिक यौन शोषण से परेशान होकर खुद स्कूल से चली गईं थी। मामला सामने आने के बाद इसकी शिकायत महिला एवं बाल आयोग को की गई।
आयोग ने जांच में छात्राओं के आरोपों को काफी हद तक सही पाया और पुलिस मुख्यालय को इससे अवगत कराया। आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कई ऐसे चौंकाने वाले तथ्यों का उल्लेख किया जिनसे छात्राओं के आरोपों की पुष्टि हो रही है। सोमवार को अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने बताया कि उन्होंने इस मामले में जांच बैठा दी है। पुलिस उपाधीक्षक जया बलूनी मामले की जांच करेंगी। उन्हें दो महीने के भीतर रिपोर्ट मुख्यालय को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।