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Lecturer Recruitment: 917 पदों पर हुई भर्ती पर सवाल खड़े, गड़बड़ी और यौन उत्पीड़न की शिकायत पर होगी जांच

Sun, 21 Aug 2022 11:19 AM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

लोक सेवा आयोग के माध्यम से वर्ष 2018-19 में लेक्चरर के 917 पदों के लिए भर्ती हुई थी। इस भर्ती को लेकर सोशल मीडिया में इन दिनों एक महिला का मामला तेजी से वायरल हो रहा है। भाकपा (माले) के गढ़वाल सचिव इंद्रेश मैैखुरी ने इस मामले की सीएम, डीजीपी और महिला आयोग से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
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dgp, ashok kumar - फोटो : ANI
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विस्तार
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राज्य लोक सेवा आयोग से हुई लेक्चरर भर्ती में गड़बड़ी और महिला के यौन उत्पीड़न की शिकायत राज्य महिला आयोग के पास पहुंच गई है। आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा कि प्रकरण की जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। इस संबंध में उन्होंने अपनी सचिव को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

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प्रदेश में लोक सेवा आयोग के माध्यम से वर्ष 2018-19 में लेक्चरर के 917 पदों के लिए भर्ती हुई। इस भर्ती को लेकर सोशल मीडिया में इन दिनों एक महिला का मामला तेजी से वायरल हो रहा है। भाकपा (माले) के गढ़वाल सचिव इंद्रेश मैैखुरी ने इस मामले की सीएम, डीजीपी और महिला आयोग से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

मैखुरी ने कहा कि सोशल मीडिया जो खबर वायरल हो रही है उसमें महिला ने उत्तराखंड लोकसेवा आयोग के एक पूर्व सदस्य पर पैसे की मांग और यौन उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें बताया गया है कि पूर्व में भी यह प्रकरण आयोग के पाया आया था। उस दौरान प्रकरण की जांच हुई या नहीं इसका पता किया जा रहा है।

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आठ अफसरों ने बयान दर्ज किए पर आगे नहीं बढ़ी जांच 
शिकायतकर्ता महिला का कहना है कि इस प्रकरण की विभिन्न स्तर पर शिकायत के बाद अब तक पुलिस के आठ अफसर उसके बयान दर्ज कर चुके हैं, लेकिन जांच बयान दर्ज करने से आगे नहीं बढ़ी। 

यह है आरोप 
शिकायतकर्ता महिला ने उत्तराखंड लोकसेवा आयोग के ऐसे सदस्य पर लगाए गए हैं, जो पूर्व में जज रहे हैं। युवती का आरोप है कि वर्ष 2018 में उत्तराखंड अधीनस्थ शिक्षा (प्रवक्ता संवर्ग- समूह ग) की लिखित परीक्षा पास करने के बाद उन्हें महिला व सामान्य वर्ग में साक्षात्कार के लिए चयनित किया गया। महिला के अनुसार उनके दोनों ही साक्षात्कार, संबंधित सदस्य के पैनल में थे।

आरोप है कि साक्षात्कार हो जाने के बाद आयोग के सदस्य ने उन्हें दस्तावेज दुरुस्त करने के नाम पर एक स्थान पर बुलवाया वहां उन्होंने पैसे की मांग के साथ ही छेड़छाड़ की और शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव डाला। महिला का आरोप है कि इस संबंध में वह बीते कई वर्षों से शिकायत कर रही है, लेकिन उसकी कहीं सुनवाई नहीं हुई। महिला के मुताबिक लेक्चरर भर्ती की यदि उच्च स्तरीय जांच की जाए तो इसमें पैसों के लेनदेन और यौन उत्पीड़न के अन्य मामले भी सामने आएंगे।   
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अगली परीक्षाओं में चयन का दिया भरोसा 
भाकपा (माले) सचिव ने शिकायती पत्र में कहा कि सोशल मीडिया में जो ऑडियो वायरल हो रहा है उसमें आयोग का सदस्य महिला को अगली परीक्षाओं में चयन कराने का भरोसा दिला रहा है। अपने सहायक से संपर्क में बने रहने को कहा जा रहा है। महिला का कहना है कि उसे लिखित में दिया जाए कि उसका चयन हो जाएगा। जिन बच्चों को उसने पढ़ाया है उनका चयन हो चुका है, लेकिन उसका चयन नहीं हुआ। 

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महिला ने पुलिस महानिरीक्षक से की थी मामले की शिकायत 
महिला ने 12 मार्च 2020 को पुलिस महानिरीक्षक को लिखित शिकायत में कहा कि नौकरी के नाम पर आयोग के सदस्य ने उससे छेड़छाड़ व अश्लीलता की। यह भी कहा कि किसी से कुछ कहा तो उसका रिजल्ट उनके हाथ में है।
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