दून के छात्रावासों में रहने वाली छात्राओं की सुरक्षा के प्रति राज्य महिला आयोग ने गंभीरता दिखानी शुरू कर दी है। आयोग ने सभी छात्रावासों में यौन उत्पीड़न समितियां गठित करने के निर्देश दिए हैं।
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विजय बड़थ्वाल ने बताया कि छात्रावासों में छात्राओं की सुरक्षा की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। इस संबंध में कुछ लोगों ने आयोग में शिकायत की है। साथ ही छात्रावासों की स्थिति जानने और वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।
इस पर आयोग ने सभी छात्रावासों में यौन उत्पीड़न समितियां गठित करने का निर्णय लिया गया है। वैसे तो यह नियम पुराना है और सरकारी छात्रावासों में इसका पालन भी किया जाता है, लेकिन प्राइवेट छात्रावासों में अब तक यौन उत्पीड़न समितियों का गठन नहीं किया गया है।
उन्होंने बताया कि यौन उत्पीड़न समिति में दो छात्राओं के साथ छात्रावास के प्रबंधन के लोग शामिल होंगे। यह समितियां अपनी रिपोर्ट नियमित अंतराल पर जिलाधिकारी को भेजेंगी। जिला स्तर पर इन समितियों की निगरानी जिलाधिकारी करेंगे।
इस व्यवस्था को लागू करने के साथ ही महिला आयोग नियमित रूप से छात्राओं को जागरूक भी करेगा। यदि उनके साथ कभी ऐसी घटना घटित होती है तो वह तुरंत समिति के अध्यक्ष या सदस्यों को इस बारे में सूचित करें। इसके बाद समिति जिलाधिकारी व पुलिस की मदद से पीड़िता की मदद करेगी।