पीड़ित किशोरी ने पुलिस को दिए बयानों में आरोपी विक्रम पर बहला फुसलाकर ले जाने व कई बार दुराचार करने का आरोप लगाया था। मेडिकल रिपोर्ट में पीड़िता के साथ दुराचार करने की पुष्टि हुई थी।
पुलिस ने विक्रम उर्फ बाबू पुत्र जागेश्वर निवासी नोसरिया नौगछिया भागलपुर, बिहार को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ पोक्सो आदि की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया था।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से दस गवाह पेश किए गए थे। दोनों पक्षों के साक्ष्यों पर गौर करने के बाद विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट, अपर सत्र न्यायाधीश अर्चना सागर ने आरोपी को दोषी पाते हुए 10 वर्ष के सश्रम कठोर कारावास तथा पचास हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।