बताया कि 14 दिसंबर 2016 को वह बेटे के साथ दोबारा रामझूला घूमने के लिए आई। बताया कि जब वह बच्चे के साथ वहां घूम रही थी, तो राहुल ने बच्चे को बीच में घुमाने का बहाना बनाकर उन्हें दूर नदी किनारे ले गया।
पीड़िता ने बताया कि आरोपी ने सुनसान जगह का फायदा उठाते हुए उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने मुनिकीरेती पुलिस चौकी गई, लेकिन किसी पुलिस अधिकारी ने उसकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया।
उसके कुछ दिन बाद पीड़िता अपने देश कनाडा चली गई। घटना से व्यथित पीड़िता ने उत्तराखंड के डीजीपी को ई-मेल भेजकर शिकायत दर्ज कराई। पत्र के आधार पर डीजीपी ने दो जनवरी 2017 को पुलिस अधीक्षक पौड़ी को मामला दर्ज कर जांच कराने के आदेश दिए।
थाना लक्ष्मण झूला पौड़ी गढ़वाल में पांच जनवरी 2017 को मुकदमा पंजीकृत किया गया। घटनास्थल टिहरी जिला होने के कारण जांच मुनिकीरेती पुलिस को सौंपी गई। जांच अधिकारी रवि कुमार ने गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में आरोपपत्र न्यायालय में पेश किया।
न्यायालय में अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता सहायक वेणीमाधव शाह ने साक्ष्य पेश किए। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीना अग्रवाल की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अभियुक्त को बलात्कार का दोषी मानते हुए विभिन्न धाराओं में दस साल की सजा सुनाई है।