लधियाघाटी क्षेत्र में दलित किशोरी से दुष्कर्म की वारदात के मामले में रीठा साहिब पुलिस शुरुआत में लीपापोती करने का प्रयास करती रही। पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि रीठा साहिब पुलिस को वारदात की जानकारी फोन से रविवार रात आठ बजे दे दी गई थी।
परिजन सोमवार सुबह दस बजे तहरीर दर्ज कराने पुलिस के पास पहुंचे लेकिन पुलिस ने काफी देर तक तहरीर लेने में आनाकानी की। वे थानाध्यक्ष के आने पर ही तहरीर लेने की बात कहकर टालमटोल करने लगे। इस पर परिजनों ने यह मामला चंपावत पुलिस अधीक्षक धीरेंद्र गुंज्याल तक पहुंचाया।
गुंज्याल ने थाने के पुलिसकर्मियों को लताड़ लगाते हुए मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। इसके बाद मुकदमा दर्ज हुआ। इधर थानाध्यक्ष का कहना है कि पुलिस की ओर से मामले को दबाने का प्रयास नहीं किया गया। शुरू में परिजन मामले में समझौता चाहते थे।