यही नहीं जब इस बात का पता चला कि छात्रा गर्भवती है तो राजपुर रोड स्थित एक चिकित्सक से गर्भपात की दवा भी दिलाई। मेडिकल जांच में गर्भपात की पुष्टि हुई थी। इसी आधार पर आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 313 (जबरन गर्भपात कराना) भी जोड़ी गई थी। सभी आरोपी 18 सितंबर से ही जेल में हैं। बचाव पक्ष की ओर से मामले में राजीव शर्मा बंटू ने बहस की थी, जबकि पीड़ित पक्ष की ओर से अदालत में अधिवक्ता अरुणा नेगी चौहान उपस्थित रहीं।
अदालत में शुक्रवार को निदेशक, प्रिंसिपल, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी व उसकी पत्नी की जमानत याचिका पर फैसला सुनाया गया है। जबकि, आया की ओर से अपनी जमानत याचिका को पहले ही वापस ले लिया गया था। शुक्रवार को उसकी ओर से अदालत में कोई अधिवक्ता उपस्थित नहीं रहा था। अधिवक्ता अरुणा नेगी चौहान ने बताया कि आया मंजू की ओर पिछले सप्ताह शुक्रवार को जमानत याचिका वापस ले ली गई थी।