जबकि, तीसरे मामले में लड़का बालिग था लेकिन लड़की के नाबालिग होने पर शादी के तीन महीने बाद पभार गांव स्थित कथित ससुराल से लड़की को उसके घर भेज दिया गया। बड़धार पहुंची चाइल्ड लाइन की काउंसलर विनीता ठाकुर व सदस्य सुंदर सिंह ने दुल्हनों व दूल्हों के परिवार की तुरंत काउंसलिंग करवाई।
बाद में लड़कियों को उनके परिजनों को सौंप दिया गया। इसके बाद टीम पभार पहुंची। यहां पर भी शादी के बंधन में बंधे दूल्हा व दुल्हन के अलावा परिजनों की काउंसलिंग कराने के बाद लड़की को वापस मायके भेज दिया। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संगीत व वार्ड मेंबर संतराम भी उपस्थित रहे।
सभी परिवार दलित और गरीब हैं। इन परिवारों को यह भी पता नहीं कि शादी के लिए लड़के और लड़की की कितनी उम्र होनी चाहिए। नाबालिग लड़कियों को उनके घर वापस भेज दिया है। मौके पर आशा वर्करों की मौजदूगी में मेडिकल जांच भी की गई। कोई भी नाबालिग गर्भवती नहीं पाई गई है। लिहाजा, मामला पुलिस को नहीं सौंपा गया है। नाबालिग लड़कियों की उम्र 14, 15 व 16 पाई गई है। जबकि दो लड़के 17 और 18 जबकि एक की उम्र 22 वर्ष है। - विनीता ठाकुर, काउंसलर चाइल्ड लाइन