सरकार ने उत्तराखंड के पांच लाख से अधिक कर्मचारियों और पेंशनरों को सातवें वेतन के रूप में नए साल का तोहफा दे दिया है। जनवरी महीने से कर्मचारियों को बढ़ा हुआ वेतन मिलेगा, लेकिन एरियर के लिए उन्हें अभी इंतजार करना होगा।
मंगलवार को इसका शासनादेश जारी कर दिया गया। वित्त सचिव अमित नेगी ने बताया कि एरियर के लिए सभी विभागों से कर्मचारियों की वर्गवार संख्या का ब्यौरा मांगा गया है।
सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट को स्वीकारते हुए शासन की ओर से सोमवार को इसका संकल्प पत्र जारी करने के बाद अब इसका शासनादेश हो गया है।
अगले दो साल में होगा एरियर का भुगतान
हरीश रावत
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वित्त सचिव अमित नेगी के मुताबिक के बढ़ा हुआ वेतनमान देने पर सरकार को हर महीने 250 से 300 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्ययभार पड़ेगा। जबकि एरियर भुगतान पर ढाई से तीन हजार करोड़ का वार्षिक व्ययभार बढ़ जाएगा।
कर्मचारियों को एरियर का भुगतान अगले दो साल में अलग-अलग किश्तों के रूप में किया जाएगा। इसके लिए सभी विभागों से विभिन्न संवर्गों के कर्मचारियों का ब्यौरा मांगा गया है। निगम कर्मचारियों को भी इसका लाभ मिलेगा।
इन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
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सरकारी सेवकों, राजकीय शिक्षकों, सहायता प्राप्त शिक्षण, प्राविधिक शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों, सहायतित व स्वायत्तशासी संस्थाओं, सार्वजनिक निगमों, उपक्रमों, स्थानीय निकायों, जिला पंचायतों, राजकीय पेंशनरों एवं पारिवारिक पेंशनरों को इसका लाभ मिलेगा। कर्मचारियों को जुलाई 2016 से दो फीसदी महंगाई भत्ता मिलेगा।
इन्हें मिलेगा लाभ
राजकीय एवं सहायता प्राप्त शिक्षण, प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं के कर्मियों को यदि पहले से ही राज्य कर्मचारियों के समान वेतनमान दिया जा रहा है तो उन्हें पुनरीक्षित वेतन संरचना का लाभ दिया जाएगा। जूनियर रेजिडेंट, सीनियर रेजिडेंट चिकित्सकों के संबंध में, कार्यप्रभारित कर्मचारियों के वेतन पुनरीक्षित किए जाने, सहायतित व स्वायत्तशासी संस्थाओं, सार्वजनिक निगम, उपक्रमों, स्थानीय निकायों व जिला पंचायतों आदि के संबंध में समिति की संस्तुतियों को स्वीकार लिया गया है।