यत्रेदं प्रह क्रियते परिधिर्जीवनाय अर्थात जहां पर्यावरण शुद्ध रहता है वहां सभी जीव सुखपूर्वक रहते हैं। एचएनबी गढ़वाल (केंद्रीय) विवि के दीक्षांत समारोह में ऐसे ही सूत्र वाक्य जगह-जगह देखने को मिले।
समारोह को खास बनाने के लिए विवि की ओर से अतिथियों और उपाधि लेने वाले छात्र-छात्राओं को दी जाने वाली सामग्री में कोई न कोई संदेश दिया जाएगा। इस बार विवि की कोशिश है कि किसी भी तरह कार्यक्रम में सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग न किया जाए। साथ ही कार्यक्रम में जो भी सामग्री हो, उससे समाज में कोई न कोई संदेश जाए।
स्मृति चिह्न को संदेश चिन्ह का नाम दिया गया है। इसके जरिए जल संरक्षण का संदेश दिया जा रहा है। अंग वस्त्र को दीक्षा वस्त्र कहा जाएगा। उपाधि लेने वाले छात्र-छात्राओं के लिए खादी का दीक्षा वस्त्र बनाया गया है। इस पर अर्थवेद का सूत्र यत्रेदं प्रह क्रियते परिधिर्जीवनाय लिखा गया है, जबकि अतिथियों को कंडाली (बिच्छू घास) के रेशों से बने दीक्षा वस्त्र भेंट किए गए।
विवि के अधिकारी डा. सर्वेश उनियाल ने बताया कि आईकार्ड प्लास्टिक और फाइल फोल्डर प्लास्टिक के बजाय वुडन बेस्ड गत्ते के हैं। फाइल फोल्डर में एपण उकेरे गए हैं। इस पर शिक्षा ही समाधान सूत्र वाक्य लिखा गया है। मंच पर अतिथियों के लिए तांबे की बोतल में पानी रखा गया
बिड़ला परिसर की एमए संस्कृत की छात्रा रश्मि डोभाल को पांच स्वर्ण पदक मिले। इनमें गढ़वाल विवि, श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति, सावित्री देवी, राम प्रपन्नाचार्य संस्कृत ट्रस्ट और डा. डीएन शास्त्री स्मृति स्वर्ण पदक शामिल हैं।
इनको मिले गोल्ड मेडल
कविता पिमोली, मोनाली चौहान, सीता बिष्ट, सूरज टेची तरा, पिंकी रानी दास, प्रतिभा लोहिया, सुमन सिलोड़ी, पायल गुप्ता, दीक्षा थपलियाल, दिव्या ज्योति सिंह, कीर्ति, प्रियंका रानी, आकांक्षा चौहान, दीपिका, दिव्यांशु सिंह, सुनील सिंह, अनीश अंजुम गाजी, सुधीर कुमार, गायत्री बिष्ट, प्राची नेगी, शामली रावत, वैशाली, अन्नू मिश्रा, शहजादी, गंगा कुमारी, मुन्नी, ज्योति बाला उनियाल, रश्मि डोभाल, कुसुुम पांडेय, ओमीन पंत, हरदीप सिंह, आकांक्षा शर्मा, अनामिका भारद्धाज, कविता, अराधना बोहरा, सलोनी चरक, नंदिता काला, नीति सिंह, शिवानी तोमर, बबीता, पलक प्रीति कौर, जैनाब राव, कनिका अरोड़ा, प्रिया मिश्रा और निकिता श्रीवास्तव।