उत्तरकाशी में दुष्कर्म के बाद बालिका की हत्या के मामले में पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद के लिए सरकार ने रास्ता तलाश लिया है। पीड़ित परिवार को अब अपराध से पीड़ित सहायता योजना के तहत सात लाख रुपये की राशि दी जाएगी। इतना ही नहीं परिवार की दोनों महिला सदस्यों को प्रशिक्षण कार्यक्रम से जोड़ा जाएगा। ताकि वे स्वरोजगार के जरिये जीविकोपार्जन कर सकें।
अपर मुख्य सचिव (महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास) राधा रतूड़ी ने कहा कि धनराशि स्वीकृति के बारे में विभागीय मंत्री का एक पत्र उत्तरकाशी के डीएम को भेज दिया गया है। जनपद स्तर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद पीड़ित परिवार के खाते में सात लाख रुपये की धनराशि जमा कर दी जाएगी। इस एक मुश्त धनराशि के ब्याज से पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि विभाग ने यह भी निर्णय लिया है कि पीड़ित परिवार में दो महिला सदस्यों (बालिका की मां और बड़ी बहन) को सिलाई या अन्य का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद उन्हें सिलाई मशीन जाएगी ताकि वे सिलाई या अन्य के जरिये वे जीविका अर्जित कर सकें।
ये है पीड़ित सहायता योजना
प्रदेश में वर्ष 2013 में दंड प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत उत्तराखंड में अपराध से पीड़ित सहायता योजना-2013 बनाई गई। इसके तहत ढाई लाख रुपये देने का प्रावधान था। मार्च-2016 में इस योजना की धनराशि में संशोधन किया गया। केंद्रीय अधिनियम की धारा 357-क की धारा 21 में प्रदत्त शक्तियों के तहत अप्राप्त वयस्क (माइनर) से बलात्कार प्रकरण में सात लाख की धनराशि का प्रावधान किया गया है।